जिलाधिकारी पौड़ी के खिलाफ पूरे प्रदेश मे अभियंताओं का प्रदर्शन
जिलाधिकारी पौड़ी के खिलाफ पूरे प्रदेश मे अभियंताओं का प्रदर्शन
काला फीता बांधकर काम किया
प्राथमिकी निरस्त न होने पर 18 से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
हरिद्वार।आज दिनांक 15.09.2025 को जहाँ एक ओर देश भर के अभियन्ता भारत रत्न इं० विश्वेश्वरैया जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अभियन्ता दिवस समारोह में हर्षोउल्लास से सम्मिलित हुए, वही उत्तराखण्ड प्रदेश के अभियन्ता जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा अधिशासी अभियन्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड, लोक निर्माण विभाग, श्रीनगर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के विरोध में पूरे प्रदेश में आंदोलित रहे तथा उनके द्वारा पूरे प्रदेश में काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा अपने-अपने जनपदों से ज्ञापन मा० मुख्यमंत्री जी को प्रेषित किया गया तथा बैठक कर एकमत से जिलाधिकारी, पौडी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराये जाने की कार्रवाई की भर्त्सना की गयी तथा एकमत से कहा गया कि उनका यह कृत्य न केवल जिलाधिकारी पौड़ी की हठधर्मिता को प्रदर्शित करता है बल्कि अंग्रेजी शासनकाल के आई०सी०एस० अधिकारियों की प्रवृत्ति उनके व्यवहार में अंतरित होना प्रदर्शित करता है। जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा की गई उक्त कार्रवाई से न केवल लोक निर्माण विभाग बल्कि उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी तकनीकी विभागों के अभियन्ता आक्रोशित हैं। प्रदेश के अभियन्ता वर्ग द्वारा चेतावनी दी गयी कि यदि दिनांक 16.09.2025 तक निम्न मांगे पूर्ण नहीं हुई तो 17.09.2025 को प्रान्तीय कार्यकारिणी की बैठक में अग्रेतर आंदोलन पर निर्णय लिया जायेगा.

–जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा दर्ज करायी गई प्राथमिकी को तत्काल निरस्त किया जाए।
–इस समय पूरा राज्य विकट आपदा से ग्रसित है। उक्त आपदा से निपटने में विभिन्न अभियांत्रिकी वर्ग के कार्मिक अपनी जान की बाजी लगाकर काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल द्वारा की गई हठधर्मिता पूर्ण कार्रवाई उनके पदीय दायित्वों के अनुरूप नहीं है। अतः उनके इस कृत्य से राज्य के आपदा सम्बन्धी कार्य विपरीत रूप से प्रभावित हो सकते हैं। अतः उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए।
–यदि विभागीय जांच में जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल पर संवेदनहीन कार्यप्रणाली के कारण कार्मिक अशांति उत्पन्न करने के दोष सिद्ध होते हैं तथा उनके अविवेकपूर्ण आदेश के कारण हड़ताल / कार्य बहिष्कार जैसी स्थिति उत्पन्न होने से आपदा राहत कार्य प्रभावित होते हैं तो आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल के विरुद्ध मुकदमा दायर किया जाए।
जिलाधिकारी का पद एक अत्यन्त संवेदनशील एवं जिम्मेदारी युक्त पद है। अतः अनुरोध है कि भविष्य में इस पर केवल ऐसे अधिकारी नियुक्त किए जाए जो घरातल वास्तविकताओं से विज्ञ हो एवं जिले के समस्त अधिकारियों के मध्य समन्वय बनाकर आपदा जैसी स्थितियों में कुशलतापूर्वक कार्य कर सके।

