देहरादून में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा — पीएम-कुसुम योजना से किसानों को नई दिशा
देहरादून में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा — पीएम-कुसुम योजना से किसानों को नई दिशा
देहरादून।केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM: Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan) के तहत देहरादून जिले में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप (Solar Irrigation Pumps) उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, डीज़ल और बिजली पर निर्भरता कम करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।

देहरादून जिले के चकराता, विकासनगर, कालसी, सहसपुर और डोईवाला ब्लॉक में अब तक सैकड़ों किसानों ने योजना का लाभ उठाने हेतु आवेदन किया है। कई स्थानों पर सौर पंप स्थापित कर दिए गए हैं, जिनसे किसान बिना बिजली बिल या डीज़ल खर्च के सिंचाई कर पा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग खंड देहरादून ने बताया कि —
“पीएम-कुसुम योजना किसानों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मार्ग खोल रही है। इससे न केवल सिंचाई सुगम हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।”
योजना की प्रमुख विशेषताएँ:
• किसानों को सौर सिंचाई पंपों पर 80 % तक सब्सिडी (50%केंद्र व 30%राज्य सरकार से)
•मात्र 20% अंशदान किसान द्वारा
• पंप की क्षमता: 3 HP से 10 HP तक, सिंचाई आवश्यकताओं के अनुसार
• विशेष लाभ: बिजली की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी, दीर्घकालिक आर्थिक लाभ
नोडल विभाग लघु सिंचाई विभाग के अधिषासी अभियंता के अनुसार, योजना के तहत विशेष ध्यान पर्वतीय क्षेत्रों जैसे कालसी और चकराता पर दिया जा रहा है, जहाँ बिजली की उपलब्धता सीमित है। वहाँ सौर पंपों से सिंचाई के साथ-साथ माइक्रो-इरिगेशन तकनीक (ड्रिप/स्प्रिंकलर) को भी जोड़ा जा रहा है ताकि जल का अधिकतम उपयोग हो सके।
यह भी अवगत कराया गया कि पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत कृषि विभाग, लघु सिंचाई विभाग और जिला योजना के युगपतिकरण (Convergence) से यह पहल और प्रभावी बन रही है।
योजना के लाभार्थी किसान अब सामूहिक रूप से “सोलर फार्मिंग क्लस्टर” के रूप में भी आवेदन कर सकते है ।अंत में, अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अपने निकटतम विकास खंड कार्यालय कनिष्ठ अभियंता लघु अथवा लघु सिंचाई कार्यालय में संपर्क कर योजना का लाभ अवश्य उठाएँ।

