काम की खबर -स्मार्टफोन की मदद से लगा सकेंगे 50 से अधिक त्वचा रोगों का पता
दिल्ली।त्वचा रोग विशेषज्ञों की कमी है, साथ ही छोटे शहरों में विशेषज्ञों की आसानी से पहुंच न हो पाने के कारण लोगों के लिए त्वचा रोगों की पहचान कर पाना थोड़ा कठिन हो जाता है। दुनियाभर में होने वाली कुल मौतों में से करीब 2 फीसदी, त्वचा रोगों से संबंधित होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है यदि समय रहते इन समस्याओं की पहचान कर ली जाए तो इसकी गंभीरता और जानलेवा स्थितियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। हालांकि भारत में अधिकतर मामलों में समय रहते त्वचा संबंधी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है जिसके कारण यह समस्या बढ़ जाती है।
इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है जिसकी मदद से त्वचा संबंधी बीमारियों, यहां तक कि ओरल-स्किन कैंसर का भी आसानी से निदान किया जा सकेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस मोबाइल ऐप को एम्स-दिल्ली और स्टार्ट-अप न्यूरिथम लैब ने मिलकर विकसित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ऐप की मदद से त्वचा रोगों की समय रहते पहचान करके इसके इलाज में मदद मिल सकेगी। विशेषज्ञों का दावा है कि चिकित्सकों के लिए यह एप्लीकेशन, त्वचा की स्थिति को आसानी से समझने में काफी सहायक हो सकती है। आइए इस ऐप के बारे मे विस्तार से जानते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया- डर्माएड नामक यह ऐप, मशीन-लर्निंग एआई-संचालित एल्गोरिदम का उपयोग करके त्वचा की समस्याओं की पहचान कर सकती है। त्वचा और मुंह के कैंसर सहित त्वचा संबंधी कई रोगों का इससे आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
एम्स में वेनेरोलॉजी और त्वचाविज्ञान विभाग में प्रोफेसर डॉ सोमेश गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक अध्ययनों में इसकी सटीकता 80 फीसदी तक देखी गई है। त्वचा रोगों के निदान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
मोबाइल ऐप के बारे में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक इसका उपयोग काफी सरल और प्रभावी हो सकता है। त्वचा की स्थिति और बीमारियों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर को, मरीज के शरीर पर घावों या त्वचा विकारों की तस्वीर लेकर उसे क्लाउड सर्वर पर अपलोड करना होगा। अपलोड करने के 15-30 सेकंड के भीतर यह ऐप मशीन विश्लेषण आधारित तस्वीरें प्रदान करेगा जिसके आधार पर समस्या की पहचान की जा सकेगी।
फंगल संक्रमण से लेकर एक्जिमा और त्वचा के कैंसर तक की समस्याओं का इस ऐप की मदद से आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

