उत्तराखंड

शासन के रवैये पर उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ ने नाराजगी जताई

देहरादून।प्रान्तीय कार्यकारिणी उत्तराखण्ड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ की प्रदेश संघ भवन, कमलानगर में आयोजित बैठक में पेयजल निगम प्रबन्धन द्वारा आतिथि तक कार्मिकों की विभिन्न मांगो यथा मंहगाई भत्ते के एरियर भुगतान, रिक्त पदों के सापेक्ष समय से पदोन्नति न करने, गोल्डन कार्ड में सभी कार्मिकों का डाटा एक वर्ष के बाद भी स्वास्थ्य प्राधिकरण से निर्गत न कराये जाने, भूमि आवंटन न किये जाने पर रोष व्यक्त किया गया।

महासंघ के अध्यक्ष गौरब बर्तवाल ने कहा कि इन सभी मामलों में विभाग से सहमति हो गयी थी किन्तु उन पर अभी तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गयी है। महामंत्री नवीन थापा ने शासन को आडे हाथ लेते हुये कहा कि विभाग में सातवें वेतनमान के अंतर्गत मकान किराया भत्ता की पत्रावली विगत कई वर्षों से गतिमान है जिस पर अभी तक स्वीकृति नहीं दी गयी है, जबकि समकक्ष विभाग शासनादेश जारी होने की तिथि से ही इसका लाभ ले रहे हैं।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज मर्तोलिया एवं प्रचार मंत्री भगवती पोखरियाल ने कहा कि नई पेंशन योजना वाले कार्मिकों के लिए सभी विभागों में ग्रेच्युटी एवं अनन्तिम पेंशन की योजना काफी समय पहले ही लागू की गयी है किन्तु निगम कार्मिकों का आज तक भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे कार्मिकों के असामयिक निधन / सेवानिवृत्ति के समय वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैठक में सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान न किये जाने पर अगली बैठक में आंदोलनात्मक कार्यवाही हेतु विचार किया जायेगा।

इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष गौरब बर्तवाल, प्रदेश महांमत्री नवीन थापा, पंकज मर्तोलिया, भगवती पोखरियाल, हेमन्त कुमार, हेमन्त इत्यादि मौजूद थे।

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