पी.एम.जी.एस.वाई. की रजत जयन्ती पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
पी.एम.जी.एस.वाई. की रजत जयन्ती पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
देहरादून।ग्रामीण विकास मंत्रालय (भारत सरकार) के दिशानिर्देशन में उत्तराखण्ड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, देहरादून द्वारा संचालित “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर 25 सितम्बर से 25 दिसम्बर, 2025 के मध्य “पी.एम.जी.एस.वाई.” का रजत जयन्ती समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत उत्तराखण्ड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा विविध कार्यशालायें, लोक संवाद, क्रिकेट एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। उक्त कम को जारी रखते हुये 5 एवं 6 दिसम्बर, 2025 को पेट्रोलियम एवं ऊर्जा विश्वविद्यालय, देहरादून के तकनीकि सहयोग से “अनुबन्ध प्रबन्धन एवं न्यायिक विवाद समाधान” विषय पर दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

उक्त कार्यक्रम का शुभारम्भ यू.आर.आर.डी.ए. के मुख्य कार्यकारी अभिकारी श्री आलोक कुमार पाण्डेय एवं पेट्रोलियम एवं ऊर्जा विश्वविद्यालय के प्रोवाइस चान्सलर द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यकग के दौरान गुख्य अभियन्ता इं. संजय कुगार पाठक, इं. विजयपल नेगी एवं इं. हिगांशु श्रीवास्तव अधिशासी अभियन्ता की सक्रिय सहभागिता एवं उपस्थिति में उपरोक्त दो दिवसीय कार्यकम में पेट्रोलियम एवं ऊर्जा विश्वविद्यालय, देहरादून के प्राध्यापक डॉ. निखिल कुमार, डॉ. नवनीत भटनगर, डॉ. उदित राज शर्मा, डॉ. सौरभ कौशिक एवं डॉ. आशुतोष द्वारा “पी.एम.जी.एस.वाई. के अभियन्ताओं को “अनुबन्ध प्रबन्धन एवं न्यायिक विवाद समाधान” पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिससे कि परियोजना से सम्बन्चित न्यायिक विवादों का त्वरित समाधान सम्भव हो सके। उक्त कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में श्री जितेन्द्र मुदलियार, सहायक निदेशक (यू.पी.ई.एस.), डॉ. एस.डी तिवारी (पर्यावरण एवं सामाजिक विशेषज्ञ) एवं श्री वैभव जैन (र्लीगल एक्सपर्ट) का सहयोग एवं मार्गदर्शन सराहनीय रहा।

उपरोक्त अवधि में यू.आर.आर.डी.ए. के अन्तर्गत कार्यरत विभिन्न पी.आई.यू. द्वारा केन्द्र द्वारा प्रायोजित “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास से सम्बन्धित किये गये विभिन्न कार्यों एवं “पी.एम.जी.एस. वई.” के लक्ष्य एवं योजना के लाभ को आम जनमानस के मध्य साझा करने का कायक्रम जरी है, जिससे के और अधिक बेहतर तरीके से राज्य के अन्तिम व्यक्ति को जोड़ने के साथ सतत विकास हेतु उक्त परियोजना सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से कारगर सिन्न हो सके। उक्त परियोजना के प्रथम चरण में 2,655 कार्य, द्वितीय चरण में 119 कार्य, तृतीय चरण में 221 कार्यों की स्वीकृति के साथ वर्तमान में “पी.एम.जी.एस.वाई.” के चतुर्थ चरण में राज्य की अनुमानित 1,490 ग्रामीण बसावटों के संयोजन का लक्ष्य गतिमान है।

“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” केन्द्र सरकार की एक ऐसी परियोजना है, जो कि उत्तराखण्ड राज्य की विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लम्बे समय से असंयोजित बसावटों के संयोजन कार्य हेतु नींव का पत्थर साबित हो चुकी है एवं राज्य गठन के समकक्ष 25 दिसम्बर, 2000 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व श्री अटल बिहारी बाजपेयी के ग्रमीण विकास के सपने को साकार करने में कारगर सिद्ध हो रही है।

