उत्तराखंड

यमुना जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि के हस्तांतरण तथा विद्युत संशोधन अधिनियम का विरोध करेंगे पूरे देश के इंजीनियर एवं बिजली कार्मिक

यमुना जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि के हस्तांतरण तथा विद्युत संशोधन अधिनियम का विरोध करेंगे पूरे देश के इंजीनियर एवं बिजली कार्मिक

देहरादून।आज दिनांक 6 फरवरी 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की एक सभा डाकपत्थर मुख्यालय पर आयोजित की गई।आज की सभा की अध्यक्षता यमुना वैली संयोजक श्रीगोपाल बिहारी तथा संचालनपंकज सैनी के द्वारा किया गया।

सभा में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष इंजीनियर शैलेंद्र दुबे, बिजली कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के प्रमुख महामंत्री श्री महेंद्र राय, मोर्चा संयोजक इंसारूल हक, मोर्चा अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर, प्रदीप कंसल, केहर सिंह, राकेशशर्मा, तनवीर आलम, मनमोहन कंसल, देवेंद्र शर्मा, एचएस रावत, विनोद कवि , अरविंद बहुगुणा सहित सभी मोर्चा घटक संगठनों के अध्यक्ष महामंत्री उपस्थित रहे।

आज की सभा में वक्ताओं के द्वारा राज्य सरकार के द्वारा जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि एवं संरचनाओं को यूआई आईडीबी के माध्यम से निजी क्षेत्र को दिए जाने का पुरजोर विरोध कियागया। सभा में मुख्य वक्ता श्री शैलेंद्र दुबे के द्वारा इस विषय में स्पष्ट कहा गया कि शासन के द्वारा अगर यह शासन आदेश निरस्त नहीं किया जाता तो पूरे देश के बिजली इंजीनियर इसका विरोध करेंगे। श्री शैलेंद्र दुबे द्वारा परियोजनाओं एवं विद्युत व्यवस्था के निजीकरण के विषय में स्पष्ट किया गया कि यह नीति किसी भी रूप में लागू नहीं की जा सकती। उनके द्वारा घोषणा की गई की 8 मार्च 2026 को देहरादून में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की बैठक आयोजित कीजाएगी। इस विषय में राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र के द्वारा भी शासन आदेश निरस्त करने के विषय में अवगत कराया जाएगा।

श्री महेंद्र राय द्वारा 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय वापी आंदोलन में उत्तराखंड के कार्मिकों को भी सम्मिलित होने का आवाहन किया गया। आज की सभा में मोर्चा संयोजक एवं मोर्चा अध्यक्ष के द्वारा स्पष्ट किया गया कि डाकपत्थर स्थित यमुना परियोजना प्रथम चरण द्वितीय चरण एवं यमुना कॉलोनी देहरादून की भूमि विद्युत उत्पादन कार्य हेतु अधिग्रहित की गई थी, इसके विषय में किए गए शासनादेश गलत सूचनाओं के आधार पर निर्गत किए गए हैं इस विषय में सरकार के द्वारा शीघ्र वार्ता के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए अन्यथा की स्थिति में मोर्चा के द्वारा आंदोलन कार्यक्रम दिया गया है जिसके अंतर्गत 6 अप्रैल से पूरे राज्य में विद्युत विभाग में हड़ताल की घोषणा की गई है।

वर्तमान में भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई को अगर किसी भी रूप में आगे बढ़ाया जाता है तो ऊर्जा कार्मिक कभी भी कार्य बहिष्कार कर सकते हैं। आज की सभा में मोर्चा की 19 सूत्रीय मांग पत्र के विषय में स्पष्ट किया गया कि शासन एवं प्रशासन इस विषय में शीघ्रता आयोजित करते हुए समाधान करें जिससे औद्योगिक शांति का वातावरण उत्पन्नना हो। मोर्चा के सभी पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार के द्वारा ले जा रहे हैं विद्युत संशोधनअधिनियम तथा राष्ट्रीय विद्युत नीति के वह प्रावधान जिससे बिजली कंपनियों का निजीकरण किए जाने का प्रस्ताव है इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सभा में व्यापार मंडल के पदाधिकारी, इंटक तथा सीटू ट्रेड यूनियन के जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी सम्मिलितहुए। वकताओ के द्वारा स्पष्ट किया गया कि सरकार के द्वारा की जा रही कार्यवाही अन्यायपूर्ण एवं गलत है इसको तत्काल रोका जाए।

आज की सभा में श्री संजय राणा, जगदीश जोशी, प्रेम प्रकाश राजेश तिवारी जयपाल तोमर, राम सिंह सुशील भंडारी राहुल गोयल राहुल चांदना मुकेश कुमार रियाज अहमद, मनजीत सिंह तोमर, साक्षी चौहान रितु पुलकित माया तोमर रेखा डंगवाल, सौरभ पांडे, आस्था तोमर, विनीत कुमार अमित रंजन, अमित बहुगुणा उज्जैन चौहान संजीव आर्य, दिग्विजयरावत, मनदीप सिंह धाम सिंहनेगी, सी के पांडे, सुनील तंवर, कलम सिंह चौहान, एनपी सिंह, भानु प्रकाश जोशी, बृजेश यादव, एहसान मोहम्मद,विचार व्यक्त किये।

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