उत्तराखंड

डिप्लोमा इंजीनियर्स का आंदोलन जारी

डिप्लोमा इंजीनियर्स का आंदोलन जारी

उत्तरकाशी जनपद के डिप्लोमा इंजीनियरों ने देहरादून में दिखाया आकोश

देहरादून के डिप्लोमा इंजीनियर्स भी रहे साथ में।

देहरादून।उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु द्वितीय चरण का संघर्ष कार्यक्रम लोक निर्माण विभाग विभागाध्यक्ष परिसर के सम्मुख जनपदवार धरना कार्यक्रम के पंचम दिवस में जनपद उत्तरकाशी एवं मेजबान जनपद देहरादून के समस्त डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा धरना दिया गया।

धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष इं० सत्यपाल सिंह तथा संचालन जनपद शाखा सचिव, बडकोट इ० कमलेश चौहान द्वारा किया गया। धरना कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा जोरदार नारों के साथ अपनी 27 सूत्रीय न्यायोचित मांगों के प्रति असंवेदनशील अधिकारियों पर जम कर अपनी भडास निकाली गई तथा उत्तराखंड शासन के अधिकारियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं० रमेश चंद्र शर्मा एवं महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाई द्वारा अवगत कराया गया कि 27 सूत्रीय समस्या / मांग पत्र के अधिकांश बिन्दुओं पर पूर्व में शासन द्वारा सहमति व्यक्त की गयी थी, परन्तु वर्तमान में शासन के अधिकारियों द्वारा उक्त महत्वपूर्ण एवं ज्वलन्त मुद्दों पर गम्भीरता पूर्वक वार्ता नहीं की जा रही है। जिसके कारण सदस्यों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। प्रदेश भर के डिप्लोमा इंजीनियर्स एकजुट होकर शासन की हठधर्मिता के कारण किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रमुख मांगें / समस्याएं-

1- कनिष्ठ अभियंता की लंबे समय से अनिस्तारित वेतन विसंगति।

2- डिप्लोमा इंजीनियर्स को क्रमश 10,16 और 26 वर्ष की सेवा उपरांत पदोन्नत वेतनमान (ए०सी०पी०) का लाभ दिया जाय।

3-2014 के बाद नियुक्त कनिष्ट अभियंताओं को प्रथम (ए०सी०पी०) के रूप में 5400 ग्रेड पे का लाभ दिया जाय।

4-पेयजल निगम और जल संस्थान का एकीकरण कर राजकीयकरण किया जाय।

5- डिप्लोमा इंजीनियर्स को सहायक अभियंता से उच्चत्तर पदों पर पदोन्नति हेतु समानांतर गैलरी का सृजन किया जाय।

6- बाहरी कार्यादाई संस्थाओं को प्रदेश में निर्माण कार्य आबंटित करने पर अंकुश लगाया जाय।

7- 2005 के उपरांत नियुक्त डिप्लोमा इंजीनियर्स को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाय।

8- तीनों ऊर्जा निगमों में राजकीय विभागों की भांति प्रोन्नति सीमा 40 से बढ़कर 50 प्रतिशत किया जाय।

धरना कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष इ० आर सी शर्मा, उपाध्यक्ष ३० गुकेश बहुगुणा, प्रांतीय महासचिव इ० वीरेंद्र गुसाईं. चेयरमैन संघर्ष समिति इं० दिवाकर धरमाना, ३० लोकेन्द्र विष्ट, इं० सुरेन्द्र श्रीकोटी, ३० पूजा श्रेष्ठ, इं० प्रमोद नेगी, इं० तकदीर सिंह, इं० मोहन चौहान, इं० लक्ष्मीकांत गुप्ता, इं० संजीव नौटियाल, इं० ब्रिजमोहन नौटियाल, इं० प्रीति चौरसिया, इ० अस्मिता सेमवाल, इं० जया, इं० मुकेश कोहली, इं० जगमोहन सिंह, इं० ध्वजवीर तोमर, इं० जयपाल सिंह, इं० रमेश थपलियाल, इं० मातवर सिंह रावत, इं० सन्तोष गोस्वामी, इं० योगेन्द्र, इं० अरविन्द रावत, इं० अजय डोभाल, इं० दीपचन्द नवानी एवं इं० हरीश भट्ट आदि वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *