उत्तराखंड

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल मे प्रतिभाग करेंगे ऊर्जा निगमो के डिप्लोमा इंजीनियर्स

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल मे प्रतिभाग करेंगे ऊर्जा निगमो के डिप्लोमा इंजीनियर्स 

देहरादून।विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक आज ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष पंकज सैनी तथा संचालन यमुना घाटी सचिव इंजीनियर राजेश तिवारी के द्वारा किया गया।

आज की बैठक में मुख्य रूप से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अधिवेशन में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के आश्वासन के बाद भी 27 सूत्रीय समस्या पत्र पर उत्तराखंड शासन के द्वारा कोई भी सकारात्मक आदेश अथवा वार्ता अभी तक आयोजित नहीं की गई है।

आज की सभा में महासचिव विक्की दास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद अनीस, विवेक कुमार, भानु प्रकाश जोशी, प्रदीप प्रकाश शर्मा, मयंक गुप्ता, संदीप कुमार नेगी, जगदीश नौटियाल, हिमांशु रावत, कंचन सोनकर, संजय सती, सुप्रिया बडोनी, हिमांशु सैनी रविंद्र सैनी, सुखबीर सिंह ,प्रकाश कुमार, विनीत कुमार, विजय नेगी, सुमित सिंह , मनीष खुल्बे आदि ने विचार रखें।

आज की सभा में निर्णय लिया गया उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के द्वारा दिए गए आंदोलन कार्यक्रम का अनुपालन करते हुए तीन ऊर्जा निगमो में कार्यरत संगठन के सदस्य द्वितीय चरण में हड़ताल पर जाने हेतु बाध्य होंगे। इस विषय में संगठन के द्वारा प्रमुख सचिव ऊर्जा, ऊर्जा निगमो के अध्यक्ष, तीनों निगमो के प्रबंध निदेशक तथा उत्तराखंड सरकार को सूचना देने का निर्णय लिया गया।

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के द्वारा प्रथम चरण में जनपद वार धरना तथा उसके पश्चात सचिवालय तक विशाल रैली का आयोजन किया गया था। किंतु शासन द्वारा किसी भी समस्या के समाधान हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके उपरांत द्वितीय चरण में महासंघ वर्तमान में देहरादून में जनपद वार धरना कार्यक्रम कर रहा है। इसी क्रम में महासंघ के समस्त घटक संघ 23 मार्च को हड़ताल पर जाने हेतु तैयार हैं। राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या तथा अति आवश्यक सेवा के महत्व को देखते हुए ऊर्जा निगमों के डिप्लोमा इंजीनियर भी हड़ताल पर जाने हेतु तत्पर है किंतु राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुई सुचारू बनाए रखने के हित में इस विषय में संगठन ने निर्णय लिया है कि अगर समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से नहीं होता तो दिनांक 1 अप्रैल 2026 से ऊर्जा निगमो के डिप्लोमा इंजीनियर्स भी कार्य से विरत होकर हड़ताल में सम्मिलित हो जाएंगे। संगठन की सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा महासंघ के किसी भी सदस्य के उत्पीड़न अथवा किसी अन्य कार्रवाई के होने पर ऊर्जा निगमों के सदस्य तत्काल प्रभाव से भी हड़ताल में जाने हेतु तत्पर हैं।

आज की सभा में वक्ताओं ने खेद व्यक्त किया कि ऊर्जा निगमों में अवर अभियंता से सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति कोटा(40%) उत्तराखंड शासन के अन्य इंजीनियरिंग विभागों(50%) की तुलना में बहुत कम है। इस समस्या को विगत कई वर्ष से निरंतर उत्तराखंड शासन के सामने रखा जा रहा है किंतु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

तीनों ऊर्जा निगमों में उत्तराखंड शासन की भांति वर्ष 2005 तक निकाली गई नियुक्ति विज्ञप्ति के सापेक्ष पुरानी पेंशन का लाभ दिया गया है किंतु ऊर्जा निगम में या लाभ अभी भी नहीं दिया गया है।

अवर अभियंता से मुख्य अभियंता (महाप्रबंधक) स्तर तक सेपरेट प्रमोशन गैलरी लागू करने की मांग की गई।

सभा के अंत में संगठन के समस्त पदाधिकारी द्वारा उत्तराखंड शासन से पुनः अपील की गई कि उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की सभी 27 समस्याओं के समाधान की कार्यवाही की जाए जिससे राज्य के विकास संबंधित कार्य तथा अति आवश्यक सेवा जिसमें विद्युत व्यवस्था तथा पेयजल , महाकुंभ की व्यवस्था चार धाम यात्रा भी सम्मिलित हैं सुचारू रूप से चलती रहे एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ को हड़ताल पर जाने हेतु बध्य ना होना पड़े।

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