खाता न बही, जो कहा वही सही, शासन की यह सोच अब नही चलेगी – गजेन्द्र कपिल
खाता न बही, जो कहा वही सही, शासन की यह सोच अब नही चलेगी – गजेन्द्र कपिल
देहरादून, दिनांक 08.07.2026
उत्तराखण्ड जल संस्थान अधिकारी / कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आवहान पर उत्तराखण्ड जल संस्थान के राजकीयकरण हेतु मुख्यालय पर दिया जा रहा धरना आज तृतीय दिवस में भी जारी रहा। आज धरने पर बैठने वालो में से जनपद हरिद्वार शाखा के श्री कमल किशोर सैनी, श्री विकास सैनी, श्री विकास गोस्वामी, मौ०आवेश, श्री जगमोहन सिंह रावत, श्री दिनेश शर्मा, श्री विशाल शर्मा, एवं श्री कमलेश कुमार आदि प्रमुख हैं।
सभा को सम्बोधित करते हुये मोर्चे के सलाहकार श्री गजेन्द्र कपिल द्वारा कहा गया शासन द्वारा मनमाने तरीके से पेयजल निगम को लाभ पहुँचाने के उद्देशय से जल संस्थान की लाभाकरी पेयजल योजनाओं को छीन कर पेयजल निगम को सौपा जा रहा है। इसमें किसी भी तरह की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नही किया जा रहा है, इच्छानुसार कार्यवाही सम्पादित की जा रही है। हमारे लिए दुर्भाग्य की स्थिति है कि हमारे प्रबन्धक पक्ष द्वारा इसका न तो विरोध किया जा रहा है न ही कार्मिको को विश्वास मे लिया जा रहा है। इस लिए राजकीयकरण की लडाई लडने को विवश होना पड रहा है।
मोर्च के मुख्य संयोजक द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुये आकडेवार जल संस्थान एवं पेयजल निगम की प्रगति से अवगत करवाया गया। शासन द्वारा किस प्रकार जल संस्थान को समाप्त करने का कुचक्र चलाया जा रहा है, हम सब को समय रहते सावधान होने की आवश्यकता है। यदि कर्मचारी अभी भी नही समझे तो विकट परिस्थितियों के लिए तैयार रहे। विभाग के राजकीयकरण से ही सभी संवर्गो को संरक्षण मिलेगा तथा उनके हित सुरक्षित होगे।
इसके अतिरिक्त उक्त कार्मिको के समर्थन में सर्व श्री भूपेन्द्र सिंह चौहान, अतुल तोमर, विरेन्द्र सिंह राणा, कुणाल शर्मा, दिनेश कुमार, विमल भण्डारी, रोशन लाल उनियाल, मनोज कुमार, अमजद खान, महेश प्रकाश, सुदेश कुमार, पूर्ण बडोला, ग्रीश चन्द्र सती, प्रदीप थपलियाल, सुधीर काला, फते सिंह नेगी, अशोक शर्मा, दलीप रावत, श्री मनोज कुमार, श्री ललित कुमार, होशियार सिंह, विनोद वर्मा, पंकज मंमगाई, प्रताप सिंह, ग्रीश चन्द्र सती, सुभाष वशिष्ठ, सुभाष बहुगुणा, रामपाल, किशन बहादुर थापा, अरविन्द कुमार, महेश कुमार, महेश प्रकाश, महेश पन्त, विकेश काला, राम अवध यादव, विशाल प्रजापति, रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।



