गोल्डन कार्ड की खामियों के निराकरण एवं लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक

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गोल्डन कार्ड की खामियों के निराकरण एवं लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक

देहरादून।सचिवालय संघ की पहल पर प्रदेश के विभिन्न कार्मिक संगठनों एवं पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारियों के साथ आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी की अध्यक्षता में गोल्डन कार्ड योजना की विभिन्न खामियों के निराकरण, अक्टूबर 2025 से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान तथा योजना को अधिक प्रभावी एवं कार्मिक हितैषी बनाए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई।

मा मंत्री जी की बैठक से पूर्व सचिवालय संघ द्वारा सभी कार्मिक संगठनों के साथ परस्पर समन्वय एवं सर्वसम्मति से तैयार किए गए एजेंडा बिंदुओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। जिसका विवरण निम्नवत है:-
* अक्टूबर 2025 से लंबित चिकित्सा दावों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाना।
* बार-बार गैप फंडिंग के स्थान पर कार्मिकों के अंशदान के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था किया जाना।
* गोल्डन कार्ड योजना को पूर्ण रूप से सीजीएचएस के अनुरूप लागू किया जाना।
* राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के स्तर पर शिकायत निवारण पोर्टल गठित किया जाना तथा उसकी त्रैमासिक बैठक में कार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना।
* परिवार में 25 वर्ष से अधिक आयु के आश्रित सदस्यों को भी निर्धारित मानकों के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाना।
* अस्पतालों द्वारा उपचार एवं भुगतान के संबंध में की जा रही मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना।
* ओपीडी से संबंधित विभिन्न मदों को भी कैशलेस किए जाने की दिशा में ठोस कार्यवाही किया जाना।

बैठक में उपस्थित विभिन्न कार्मिक संगठनों द्वारा इन विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सचिवालय संघ सहित सभी संगठनों ने एकमत होकर गोल्डन कार्ड योजना को पूर्ण रूप से सीजीएचएस के अनुरूप किए जाने की पुरजोर मांग रखी। साथ ही माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी से योजना के सुचारू संचालन हेतु आयुष्मान योजना की तर्ज पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्मिक संगठनों द्वारा रखे गए तथ्यों एवं पुरजोर मांगों के उपरांत माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा सरकार की ओर से अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था किए जाने तथा अस्पतालों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता को स्वीकार किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपेक्षित धनराशि का आकलन कर उसके आवंटन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

माननीय मंत्री जी द्वारा गोल्डन कार्ड योजना के सुचारू संचालन एवं इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्मिक संगठनों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा ओपीडी से संबंधित विभिन्न मदों को कैशलेस किए जाने के संबंध में प्रमुख कार्मिक संगठनों के साथ पुनः बैठक कर इसे अंतिम रूप देने हेतु अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं सचिव, स्वास्थ्य को निर्देशित किया गया।

साथ ही आज की बैठक का कार्यवृत्त 18.08.2026 तक अनिवार्य रूप से जारी किए जाने के निर्देश भी दिए गए। यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बैठक में लिए गए निर्णयों को अंतिम रूप दिए जाने से पूर्व कार्मिक संगठनों को पुनः विश्वास में लिया जाए तथा संबंधित अधिकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इसकी अंतिम रूपरेखा तय करें।

बैठक में सचिवालय संघ एवं विभिन्न कार्मिक तथा पेंशनर्स संगठनों की ओर से श्री दीपक जोशी, श्री अरुण पाण्डे, श्री राजेन्द्र रतूड़ी, श्री राकेश जोशी, श्री शक्ति प्रसाद भट्ट, श्री मुकेश बहुगुणा, श्री रविन्द्र सिंह राणा, इं. रमेश चन्द्र शर्मा, श्री विनोद थापा, श्री जगवीर सिंह खरोला, श्रीमती सुधा कुकरेती, श्री सोबन सिंह रावत, श्री अशोक राज उनियाल, श्री अशोक चौधरी, डॉ. अंकित जोशी, श्री सुमन सिंह बल्दिया, श्री पंचम बिष्ट, श्री संजय शर्मा, श्रीमती प्रमिला टम्टा, श्री अतुल कुमार, श्रीमती रीना मखनवाल, श्री सुरेन्द्र रावत, श्री दिव्यांशु डोभाल, श्री गिरीश भट्ट, श्री आर.पी. पंत, चौधरी ओमवीर सिंह, श्री धर्मेन्द्र रावत, श्री सबर सिंह रावत, श्री बनवारी लाल सहित अनेक कार्मिक संगठनों एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सचिवालय संघ की पहल पर आयोजित इस बैठक में सभी कार्मिक संगठनों को एक मंच पर लाकर गोल्डन कार्ड की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सामूहिक एवं सर्वसम्मत प्रयास किया गया। संघ का स्पष्ट मत है कि कार्मिकों एवं पेंशनरों से नियमित अंशदान लिए जाने के बाद उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

 

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