NH अधीक्षण अभियंता अरुण पाण्डेय ने किया बाईपास निर्माण का निरीक्षण

0
Oplus_16908288

Oplus_16908288

NH अधीक्षण अभियंता अरुण पाण्डेय ने किया बाईपास निर्माण का निरीक्षण

सिरोहबगड़ के जाम और भूस्खलन से मिलेगी राहत, कालियासौड़-खांकरा बाईपास का काम तेज

 पुल बनकर तैयार, मई 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

रुद्रप्रयाग। सिरोहबगड़ में जाम और भूस्खलन की समस्या से निजात दिलाने के लिए कालियासौड़-खांकरा बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के अधीक्षण अभियंता अरुण पाण्डेय ने परियोजना का जायजा लेकर निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। परियोजना के तहत पुल अब बनकर तैयार हो गया है। पुल के तैयार होने से बाईपास निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

सिरोहबगड़ क्षेत्र में भूस्खलन और बार-बार लगने वाले जाम के कारण चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रभावित होता है। इससे बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। कालियासौड़-खांकरा बाईपास को इस समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

126 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

कालियासौड़-खांकरा बाईपास की कुल लंबाई 3.22 किलोमीटर है। करीब 126 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना के अंतर्गत तीन पुलों का निर्माण किया जाना है। परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लंबे समय से बाधित पुल का निर्माण पूरा होने के बाद अब परियोजना के शेष कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

चारधाम यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सिरोहबगड़ में लगने वाले जाम और भूस्खलन से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी। संवेदनशील मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने से चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की संभावना है।

परियोजना का पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब तीनों पुलों सहित सभी निर्माण कार्य पूरे होकर बाईपास यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। ऐसे में मई 2027 की समयसीमा तक कार्य पूरा करना संबंधित विभाग के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed