गुड न्यूज़ -ओएनजीसी ने मार्च तिमाही के नेट प्रॉफिट में की 31.5% की बढ़ोतरी, ये है वजह
दिल्ली।ओएनजीसी ने मार्च तिमाही के नेट प्रॉफिट में 31.5 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की है। ओएनजीसी ने बताया कि उसे कच्चे तेल के प्रोडक्शन और बिक्री के लिए अब तक की सबसे अच्छी प्राइस मिली है।
कंपनी की नियामक फाइलिंग के अनुसार जनवरी-मार्च में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 8,859.54 करोड़ रुपये या प्रति शेयर 7.04 रुपये था, जो एक साल पहले इसी अवधि में 6,733.97 करोड़ रुपये या 5.35 रुपये प्रति शेयर था। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 34,497.24 करोड़ रुपये हो गया, जो जनवरी-मार्च 2021 में 21,188.91 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष (अप्रैल 2021 से मार्च 2022) के लिए ओएनजीसी ने पिछले वित्त वर्ष में 11,246.44 करोड़ रुपये से 40,305.74 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट प्राप्त किया है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा की कीमतें 2021 के अंत से बढ़ीं और फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद तेज हो गईं। ओएनजीसी को अपने द्वारा उत्पादित कच्चे तेल के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतें मिलती हैं और इसलिए उसे ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि से लाभ हुआ है।
ओएनजीसी को अंतरराष्ट्रीय दरें मिलती हैं, क्योंकि डाउनस्ट्रीम ईंधन खुदरा विक्रेता भी वैश्विक दरों पर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत लगाते हैं। एचपीसीएल और ओएनजीसी विदेश लिमिटेड जैसी सहायक कंपनियों द्वारा अर्जित आय को शामिल करने के बाद समेकित शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में 12,061.44 करोड़ रुपये और पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में 49,294.06 करोड़ रुपये हो गया। यह जनवरी-मार्च 2021 में 10,963.04 करोड़ रुपये और 2020-21 में 21,360.25 करोड़ रुपये की तुलना में है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के नेट प्रॉफिट में मार्च तिमाही में बढ़ोतरी हुई है। ओएनजीसी में शनिवार को बताया कि उसने अपने मार्च तिमाही के नेट प्रॉफिट में 31.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। ओएनजीसी ने बताया कि उसे कच्चे तेल के प्रोडक्शन और बिक्री के लिए अब तक की सबसे अच्छी कीमत मिली है।

