मुख्यमंत्री आवास आखिर कब तक ‘श्रापित’ रहेगा, क्या कभी टूटेगा मिथक ?
देहरादून।उत्तराखंड में मुख्यमंत्री आवास हमेशा से चर्चाओं में रहा है।वहीं, पुष्कर सिंह धामी की हार के बाद एक बार फिर से सियासी गलियारों में इसकी चर्चा है। ऐसा मिथक है कि राज्य गठन के बाद से आज तक कोई भी सीएम इस मुख्यमंत्री आवास से 5 साल की सरकार नहीं चला पाया।जो उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों के साथ इन दिनों कहीं ना कहीं सच साबित होता दिखाई दे रहा है ?
देहरादून स्थित करोड़ों की लागत से बना यह आलीशान मुख्यमंत्री आवास पहले भी कई भ्रांतियां को लेकर चर्चाओं में रहा है। लिहाजा, एक बार फिर से यह चर्चाएं जोरों पर है कि 4 साल मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी और अब पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बनने के बाद ना केवल अपना चुनाव हारे हैं, बल्कि पार्टी आलाकमान यह तय नहीं कर पाया है कि धामी को ही मुख्यमंत्री बनाना है या नहीं ?
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 47 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में शानदार जीत हालिस की है।जिस सीएम चेहरे पर भाजपा ने चुनाव लड़ा था, वह पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रहे. जिसके बाद से प्रदेश का अगला सीएम कौन होगा, यह चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं, इसके अलावा एक और विषय इन दिनों सियासी गलियारों में चर्चा में है, जो है मुख्यमंत्री आवास।

