उत्तराखंड पेयजल निगम की बड़ी लापरवाही आई सामने?
देहरादून।उत्तराखंड पेयजल निगम आखिर नमामि गंगे डिवीजन(गोपेश्वर) में किसी अभियंता(परियोजना प्रबंधक)की तैनाती आखिर क्यों नहीं कर रहा है।आपको बता दें की निगम की इस लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच चुकी है।इस समय पेयजल विभाग मुख्यमंत्री के पास है।आपको बता दें की उत्तराखंड के चमोली में पिछले माह नमामि गंगे प्रोजेक्ट के पास भयानक हादसा हो गया था। यहां करंट लगने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा इस हादसे में कई लोग जख्मी भी हो गए हैं।इस लापरवाही मे ऊर्जा और जल संस्थान के अभियंताओं पर गाज गिरी थी।वर्तमान समय में पेयजल निगम(नमामि गंगे) गोपेश्वर का चार्ज परियोजना प्रबंधक ऋषिकेश के पास DUAL चार्ज पर है।ऋषिकेश और चमोली के नमामि गंगे डिवीजनों की दूरी लगभग 300 किलोमीटर की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाएं उत्तराखंड में गंगा और इसकी सहायक नदियों की स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता के लिए महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने कहा है कि नमामि गंगे की परियोजनाओं के पूर्ण होने पर चारधाम यात्रा को अत्यधिक लाभ मिलेगा और नदियों की स्वच्छता व निर्मलता के दृृष्टिगत भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है।लेकिन उत्तराखंड पेयजल निगम केंद्र की इन परियोजनाओं के प्रति गंभीर नहीं दिख है

