उत्तराखंड

उत्तराखंड शासन से ट्रांसफर क़ो लेकर आया ये बड़ा आदेश

कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2

देहरादून: दिनांक 12 अक्टूबर, 2023

विषय: उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम 2017 की धारा 20(क) एवं (ख) के सम्बनध में स्पष्टीकरण ।

महोदय

उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम 2017 की धारा 20(क) एवं (ख) में निम्नवत् प्रावधान किये गये है-

20(क) यदि कोई कार्मिक किसी एक कार्यस्थल पर तैनात है जो 7000 फीट से ज्यादा पर स्थित दुर्गम स्थान है, तो वहां पर 1 वर्ष की गई सेवा को 2 वर्ष के सुगम स्थान की सेवा के समतुल्य माना जायेगा।

20 (ख) यदि कोई कार्मिक किसी एक कार्यस्थल पर तैनात है जो 7000 फीट से कम की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम स्थान है, तो यहां पर 1 वर्ष की की गई सेवा को 1 वर्ष 3 माह के सुगम स्थान की सेवा के समतुल्य मानी जायेगी।

2- उक्त के सम्बन्ध में विभिन्न कर्मचारी संघों द्वारा स्थिति स्पष्ट किये जाने का अनुरोध किया गया है। अतः इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि यदि कोई कार्मिक 7000 फीट से अधिक ऊंचाई के दुर्गम स्थान में तैनात है, तो उनके द्वारा दुर्गम में की गई सेवा की अवधि दोगुनी आंकलित की जायेगी अर्थात् पाच वर्ष में की गई दुर्गम की सेवा 10 वर्ष की सेवा के समतुल्य मानी जायेगी और यदि कोई कार्मिक 7000 फीट से कम की ऊंचाई के दुर्गम स्थान में तैनात है, तो उनके द्वारा दुर्गम में की गई एक वर्ष की सेवा को एक वर्ष तीन माह आंकलित किया जायेगा अर्थात् आठ वर्ष की दुर्गम की सेवा 10 वर्ष की सेवा के समतुल्य मानी जायेगी।

अतः कृपया उपरोक्तानुसार दुर्गम में तैनात कार्मिकों की कार्य अवधि की गणना करने का कष्ट करे ।

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