उत्तराखंड

राज्य निगम कर्मचारी/अधिकारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र कही ये बात

सेवा में

माननीय मुख्यमन्त्री उत्तराखण्ड सरकार

देहरादून। विषय- महासंघ द्वारा कार्य बहिष्कार के सन्दर्भ में। राज्य निगम कर्मचारी/अधिकारी महासंघ, उत्तराखण्ड का पत्रांक सं०

मान्यवर जैसा कि विदित्त ही है कि सार्वजनिक निगमी / निकायों/उपकर्स में दैनिक वेतन/संविदा/विशेष श्रेणी/उपनल/आउट सोर्स कार्मिकों के नियमितिकरण व सार्वजनिक निगमो / निकायों/ उपक्रमों में कार्यरत कार्मिकों की अन्य समस्याओं के समाधान हेतु महासंघ द्वारा विगत तीन माह से आन्दोलन किया जा रहा है. जिसने शासन द्वारा मुख्य सचिव/ अपर सचिव संतर की बैठक तय होने के पश्चात उक्त बैठको को स्थगित कर दिया गया तथा सार्वजनिक निगमी / निकायों/ उपक्रमों में कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं को नजर अन्दाज किया गया है जिसके फलस्वरुप कार्मिको द्वारा दिनांक 30.09.24 को एक विशाल रैली के माध्यम से शासन को मांग पत्र के रुप में ज्ञापन दिया गया किन्तु शासन द्वारा अद्ययतन तिथि तक सार्वजनिक निगमों/निकायो/उपक्रमों में दैनिक वेतन/सविदा/विशेष श्रेणी/उपनल आउट सोर्स कार्मिकों के नियमितिकरण व सार्वजनिक निगमी / निकायों/उधकर्मों में कार्यरत कार्मिको की अन्य समस्याओं के समाधान हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसके चलते सभी निगम कार्मिकों में भारी आकोश व्याप्त हो रहा है। लगातार कार्मिको के अन्दर हो रहे असतोष के कारण महासंघ द्वारा दिनांक 14.10.24 को अहुत की गई बैठक में निर्णय लिया गया है.कि यदि राज्य सरकार द्वारा निगम कार्मिकों की मांग पर दिनांक 20.10.24 तक सीध कार्यवाही नहीं की गई तो महासंध को कार्मिकों के हितों को मध्यनजर रखते हुए दिनांक 21.10.24 से समस्त सार्वजनिक निगमों/निकायो/कर्मों में पूर्ण रुप से कार्य वहिष्कार करने के लिए बाध्य होना होगा।

अतः महोदय को सादर सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।

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