अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से की ये मांग
अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से की ये मांग
शिक्षा मंत्री द्वारा आहूत शिक्षा निदेशालय सभागार में बुलाई गई शिक्षक संगठनों की बैठक
देहरादून।अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री द्वारा आहूत शिक्षा निदेशालय सभागार में बुलाई गई शिक्षक संगठनों की बैठक में अपनी विभिन्न माँगे रखी तथा माँग पत्र भी मंत्री जी को सौंपा । जिसमें तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण , मानदेय प्राप्त पी टी ए शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति प्रदान करने, तदर्थएवँ वित्त विहीन की सेवाओँ का लाभ चयन, प्रोन्नत वेतनमान एवँ सेवा निवर्तिक लाभ में प्रदान करने,सभी प्रभारी प्रधानाचार्यो को डाउन ग्रेड प्रदान करने ,डाउन ग्रेड प्रधानाचार्यों को ढाई वर्ष में पूर्ण वेतनमान प्रदान करने, राजकीय की भांति अशासकीय विद्यालयों, शिक्षकों, छात्र छात्रओं को सभी लाभ प्रदान करने, वित्त विहीन विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि न देकर पूर्ण वेतन अनुदान प्रदान करने, प्रधानाचार्य के पदों को शत प्रतिशत पदोन्नति का पद करने, उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवँ शिक्षकों की जूनियर हाईस्कूल की सेवा चयन प्रोन्नत वेतनमान में प्रदान करने ,अनुभागों का निर्धारण राजकीय की भांति करने ,मानदेय से वंचित पी टी ए शिक्षकों को मानदेय की श्रेणी में लाने, शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अविलम्ब प्रारम्भ करने एवँ चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति प्रदान करने , अशासकीय विद्यालयों के प्रस्ताव पर विद्यालयों का प्रान्तीयकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ करने,वर्ष 2005 से पूर्व विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन में सम्मिलित करने, राजकीय की भांति दुर्घटना वीमा योजना का लाभ प्रदान करने, अशासकीय विद्यालयों को समग्र शिक्षा, पी एम श्री एवँ ज़िला योजना से सभी लाभ प्रदान करने सम्बधी कई मांगे रखी गई ।

बैठक में अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड के प्रान्तीय अध्यक्ष सजंय बिजल्वाण, प्रान्तीय महामन्त्री महादेव मैठाणी ,,ज़िला सरंक्षक देहरादून आर सी शर्मा ,जिलाध्यक्ष अनिल नौटियाल ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश डोबरियाल ,ज़िला मंत्री टिहरी गढ़वाल शिव सिंह रावत ,संयुक्त मंत्री गिरीश सेमवाल, योगेश मिश्रा ,अजय शर्मा ,नितिन कुमार कमलेश गौड़ आदि उपस्थित थे ।


