उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनीयर्स संघ,पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन में बढ़ते दबाव के खिलाफ खोला मोर्चा
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनीयर्स संघ,पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन में बढ़ते दबाव के खिलाफ खोला मोर्चा
पेयजल एमडी को लिखा पत्र
सेवा में,
प्रबन्ध निदेशक / मुख्य अभियन्ता (मु०).
उत्तराखण्ड पेयजल निगम,
देहरादून।
विषय :-
जल जीवन मिशन कार्यक्रम में सदस्यों के प्रति किये जा रहे उत्पीड़नात्मक व्यवहार के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपरोक्त विषयक अवगत कराना है कि वर्तमान में संघ के सदस्यों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में पूर्ण निष्ठा के साथ दिन-रात कार्य किया जा रहे हैं। जल जीवन मिशन में संघ के सदस्यों द्वारा कार्यक्रम के महत्व के दृष्टिगत समय सीमा से भी अधिक कार्य किया जा रहा है, किन्तु विगत समय में यह प्रदर्शित हुआ है कि क्षेत्रीय स्तर पर सदस्यों द्वारा किये जा रहे अत्यधिक कार्यभार की सराहना या लक्ष्यों के प्रति उनको सहयोग / मार्गदर्शन प्रदान करने के स्थान पर निरन्तर धमकाने एवं उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की जा रही है।

कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की कमी एवं विभिन्न नीतिगत प्रकरणों पर अनिश्चितता की ठीकरा शाखा स्तरीय अभियन्ताओं पर डाला जा रहा है एवं निरन्तर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की जा रही है।
महोदय, वस्तुतः लक्ष्यों का निर्धारण ही इस प्रकार से किया जा रहा है, जिसको दायित्वों से दो-तीन गुना कार्य करने के बाद भी प्राप्त किया जाना मुमकिन ही नहीं है। कार्यों की अधिकता के कारण संघ के सदस्यगण, अपना सामान्य सामाजिक या दैनिक जीवन भी नहीं जी पा रहे हैं एवं हर समय तनाव या अवसाद की स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
संघ के सदस्यों के गोपनीय प्रतिवेदन क्षेत्रीय स्तर पर अनावश्यक रूप से लम्बी अवधि तक रोककर रखे जा रहे हैं एवं विभिन्न प्रकरणों में मार्गदर्शन प्रदान करने के स्थान पर निलम्बन आदि की धमकियां दी जा रही हैं, जो अत्यन्त कष्टदायी तो है ही, साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर आक्रोश एवं आंदोलनात्मक परिस्थितियों को स्वतः ही उत्पन्न करता है। इसी कारण संघ के सदस्यों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है, जिसकी परिणीति कभी भी आन्दोलन के रूप में होनी निश्चित है।
अतः उपरोक्त के आलोक में आपसे निवेदन है कि कार्यक्रम के सफल सम्पादन के साथ ही तनाव रहित क्रियान्वयन हेतु आपके स्तर से भी आवश्यक निर्देश निर्गत करना चाहेंगे एवं सदस्यों में उत्पन्न भय के माहौल को कम करने में प्रभावी हस्तक्षेप करेंगे।
महोदय यदि किसी भी सदस्य के विरुद्ध कोई उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की जाती है तो संघ को स्वभाविक रूप से आंदोलनात्मक कदम उठाने हेतु विवश होना पड़ेगा एवं कृपया इस सन्दर्भ में संघ द्वारा प्रेषित इसी पत्र को आंदोलन से पूर्व की विधिवत सूचना समझने की कृपा की जाये।

