राज्य निगम कर्मचारी/अधिकारी महासंघ ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर किये जाने के सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
राज्य निगम कर्मचारी/अधिकारी महासंघ ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर किये जाने के सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
सेवा में,
मा० स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार, देहरादून।
विषय महोदय
गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर किये जाने के सम्बन्ध में।

उपरोक्त विषयक सादर अवगत कराना है कि शासनादेश संख्या-1256 दिनांक 25.11.2021 के क्रम में सार्वजनिक निगमों / संस्थानों / उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों/कार्मिकों / पेंशनरों से गोल्डन कार्ड (SGSH) की सुविधा के अन्तर्गत प्रतिमाह कटौती की जा रही है। परन्तु जिन निगमों/ निकायों में पेंशन की सुविधा अनुमन्य नहीं है उन निगमों/निकायों में शासनादेश के अनुसार सेवा निवृत्ति होने के उपरान्त 10 वर्ष या 01 वर्ष का पैसा भी एक साथ जमा कराया गया है। गोल्डन कार्ड (SGSH) की सुविधा लागू होने के उपरान्त भारत सरकार से मिल रही आयुष्मान कार्ड के अन्तर्गत 05 लाख तक की सुविधा भी बंद कर दी गयी है। परन्तु गोल्डन कार्ड (SGSH) के अन्तर्गत मिलने वाली सुविधाएँ निजी चिकित्सालयों द्वारा बंद कर दी गयी है। स्वास्थ्य प्राधिकरण के अन्तर्गत 158 अस्पताल पैनल में थे जो वर्तमान में 135 रह गये हैं। महोदय, साथ ही यह भी अवगत कराना है कि कार्मिकों / पेंशनरों के स्वास्थ्य प्राधिकरण में भुगतान हेतु लम्बित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान भी स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा समय से नहीं किया जा रहा है। जिससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित कार्मिकों/पेंशनरों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है। इससे स्पष्ट है कि शासन / सरकार तथा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण इलाज करने हेतु संवेदनशील प्रतीत नहीं होता है। महोदय आज शासन की लचर प्रणाली के कारण कई अस्पतालों द्वारा इलाज करना बंद कर दिया गया है जबकि अधिकारियों/ कार्मिकों एवं पेंशनरों से प्रत्येक माह अंशदान की राशि प्राप्त की जा रही है। चिकित्सा विभाग की इस लचर प्रणाली के कारण कार्मिकों के स्वास्थ्य से सम्बन्धित इस संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही करने से सैकड़ों कार्मिकों को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। साथ ही गंभीर बीमारी से ग्रसित कार्मिकों को समय पर समुचित उपचार न मिलने के कारण कई कार्मिकों का जीवन संकट में है तथा कई कार्मिक उपचार के अभाव में अपने जीवन से हाथ धो बैठे हैं।

अतः महोदय से अनुरोध है कि उक्त के सम्बन्ध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे तथा पैनल में नामित समस्त चिकित्सालयों को गोल्डन कार्ड धारकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित करने की कृपा करेंगे। उक्त के सम्बन्ध में 15 दिन के भीतर कार्यवाही नहीं की जाती है तो राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ राज्य के विभिन्न वर्गों के कार्मिकों एवं पेंशनरों सहित बिना किसी सूचना के आपके आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन आदि कार्यवाही के लिये बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं सरकार की होगी।

