उत्तराखंड

उत्तराखंड शासन के IAS अधिकारियों से जुड़ी ये अपडेट आई सामने

प्रेषक,

मुख्य सचिव,

उत्तराखण्ड शासन।

प्रेष्य,

प्रमुख सचिव/सचिव/अपर सचिव,

उत्तराखण्ड शासन।

राज्य योजना आयोग

देहरादूनः

दिनांक: 20, अप्रैल, 2025

विषयः राज्य सरकार के अधीन वर्तमान में सेवारत रू0 8700/- या उससे अधिक ग्रेड वेतनमान के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियो द्वारा प्रदेश में अपनी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय नियुक्ति के कार्यक्षेत्र को गोद लिये जाने के सम्बन्ध में।

महोदय/महोदया,

आप विदित है कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रशासकीय विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में निवास कर रहे अन्तिम व्यक्ति तक पहुँचाये जाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किये जा रहे हैं। उक्त कार्यों को और अधिक प्रभावशाली बनाये जाने हेतु राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवारत अधिकारियों (रू0 8700/- या उससे अधिक ग्रेड वेतमान) द्वारा राज्य में अपनी प्रथम नियुक्ति के कार्य क्षेत्र (विकास खण्ड/तहसील / जिला मुख्यालय) अथवा दो अधिकारियों द्वारा एक ही कार्यक्षेत्र में अलग-अलग समय में समान पदीय दायित्व के निर्वहन की स्थिति में अधिकारियों से अपनी द्वितीय एवं तृतीय नियुक्ति के कार्यक्षेत्र को गोद (adopt) लिये जाने की मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा अपेक्षा की गई है।

2- राज्य में वर्तमान में कार्यरत रू0 8700/- या उससे अधिक ग्रेड वेतमान के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियो द्वारा प्रदेश में अपनी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय नियुक्ति की अवधि में स्थानीय स्तर पर किये गये विशेष कार्यक्रम / उल्लेखनीय कार्य जो स्थानीय लोगों के मध्य चर्चित रहे हैं अथवा आज भी स्मरणीय हैं. इसके दृष्टिगत उक्त कार्य क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आपके अनुभवों, जनसम्पर्को आदि का लाभ उपयोगी होगा।

3- अधिकारियों द्वारा अपने प्रथम नियुक्ति के कार्यक्षेत्र में निम्न बिन्दुओं पर कार्यवाही अपेक्षित है-

प्रथम नियुक्ति के कार्यक्षेत्र में तत्समय से अब तक हुए बदलाव पर टिप्पणी।

उक्त कार्यक्षेत्र में यथावश्यक CSR व अन्य संसाधनों को explore करते हुए उक्त क्षेत्र के समाजार्थिक विकास में योगदान की स्थिति।

उक्त कार्यक्षेत्र में अवस्थित स्वयं सेवी संस्थाओं, सिविल सोसायटी तथा स्थानीय जनों का सहयोग प्राप्त करना।

विभिन्न संसाधनों जिसमें जिला योजना, राज्य सेक्टर, वित्त आयोग आदि से धनराशि प्राप्त होती है, के अभिष्टतम उपयोग हेतु कार्य योजना तैयार करना।

इस सम्बन्ध में आपसे अपेक्षा की जाती है कि संलग्न सूची के अनुसार आपके द्वारा राज्य में प्रथम / द्वितीय नियुक्ति के कार्य क्षेत्र को adopt करते हुए अपने स्तर पर कार्यवाही करने का कष्ट करें।

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