उत्तराखंड

अभियंता हुए निलंबित, जानिएं कारण?

कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड उत्तरकाशी के समस्त अधिकारी/कर्मचारियो द्वारा अधोहस्ताक्षरी को सम्बोधित पत्र के कम में श्री दर्मियान सिंह बागडी, अधिशासी अभियन्ता, प्रखण्ड उत्तरकाशी की शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही के दृष्टि गत श्री बागडी, अधिशासी अभियन्ता को एत‌द्वारा उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-2003 यथासशोधित 2010 के अन्तर्गत तत्कालिक प्रभाव से निलबित करते हुये परिमण्डल देहरादून से सम्बद्ध किया जाता है।

2-निलबन की अवधि में श्री दर्मियान सिंह बागड़ी, अधिशासी अभियन्ता को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के प्राविधानो के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा किन्तु ऐसे कर्मचारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई मंहगाई भत्ते का उपान्तिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होगे, जब इसका समाधान हो जायेगा कि इनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिये उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।

3-उरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब श्री दर्मियान सिंह बागड़ी, अधिशासी अभियन्ता इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि यह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति एव व्यवसाय में नहीं लगे है।

श्री दर्मियान सिंह बागडी, उत्तरकाशी की उक्त निलंबन अवधि में श्री विशाल चौहान, अधिशासी अभियन्ता, प्रखण्ड टिहरी को अग्रिम आदेशो तक प्रखण्ड उत्तरकाशी का कार्यभार सौपा जाता है, जिस हेतु उन्हें कोई अतिरिक्त भत्ते आदि देय नहीं होगे।

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