देहरादून डीएम ने ऋषिकेश के सब रजिस्ट्रार को किया सस्पेंड
देहरादून डीएम ने ऋषिकेश के सब रजिस्ट्रार को किया सस्पेंड
देहरादून।ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कई कमियां उजागर होने और करोड़ों की स्टांप चोरी के संबंध में जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लिया है. मामले में शासन ने उप निबंधक ऋषिकेश को निलंबित करते हुए मुख्यालय अटैच कर दिया है. पिछले महीने आम जनता को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं और शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आम जनता की शिकायतों के बाद डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया. जिसमें गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी. जिनमें स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक और सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही की जा रही थी. कार्यालय में सालों से आमजनता के मूल अभिलेख लम्बित पाए जाना, संपत्ति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ों की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रियां बरामद हुई।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया मूल अभिलेख लौटाने, रजिस्ट्री की नकल देने में आम जनता को परेशान किया जा रहा है. कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापस नहीं किए गए. अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/सालों से लम्बित मिले. जिस पर यह एक्शन लिया गया।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का एसडीएम, ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया. जिसके बाद एसडीएम, ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता की संयुक्त जांच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबंधक के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी. जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने उप निबंधक को निलंबित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है. साथ ही जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है।

