उत्तराखण्ड पेयजल पेंशनर्स एसोसिएशन ने दिया उत्तराखण्ड अधिकारी / कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, पेयजल निगम को समर्थन
उत्तराखण्ड अधिकारी / कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, देहरादून द्वारा वर्तमान में उत्तराखण्ड पेयजल निगम के राजकीय करण के लिये किये जा रहे आंदोलन उत्तराखण्ड पेयजल पेंशनर्स एसोशियशन द्वारा अपना पूर्ण समर्थन दिया गया है। अधिकारी / कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति द्वारा निम्न दो मांगों पर कार्यवाही की मांग की गयी है:-

1. पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किया जाये।
2. राजकीय विभाग घोषित होने तक वेतन / पेंशन का आहरण कोषागार से निर्गत किया जाये।
अथवा
सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए पेयजल निगम कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्राविधान करते हुए सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखा जाये तथा प्रत्येक माह 1 तारीख को नियमित रूप से वेतन/पेंशन का भुगतान किया जाये।
उत्तराखण्ड पेयजल पेंशनर्स एसोशियशन पूर्ण रूप से उक्त मांगों का समर्थन करती है। वर्तमान में उत्तराखण्ड पेयजल निगम के सेन्टेज / गैप पत्रावली को स्वीकृत कराने में अत्यधिक विलम्ब हो रहा है जिसके कारण पेंशनर्स को अपने दैनिक कार्यों में काफी आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पेयजल निगम प्रबन्धन द्वारा अर्जित की गयी सेन्टेज को वेतन पेंशन में खर्च न कर अन्य अनावश्यक निर्माण कार्यों में खर्च किया जा रहा है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
अतः उत्तराखण्ड पेयजल पेंशनर्स एसोशियशन के सदस्य लगातार संयुक्त समन्वय समिति के धरने में सम्मिलित हो रहे हैं तथा भविष्य में होने वाले अन्य आंदोलन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे।

