उत्तराखंड

उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषित कार्यक्रम के अनुसारकाली भीती बांधकर किया कार्य

उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषित कार्यक्रम के अनुसारकाली भीती बांधकर किया कार्य।

देहरादून।आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की यमुना घाटी परियोजना कार्यकारिणी द्वारा दिए गए आंदोलन नोटिस के अनुसार सभी कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया एवं इस विषय में विभिन्न पावर हाउस तथा बैराज पर प्रातः काल विरोध सभा भी आयोजित की गई।

मोर्चा के द्वारा राज्य स्तर पर 19 सूत्रीय समस्या पत्र, तथा महाप्रबंधक यमुना घाटी को दिए गए आंदोलन नोटिस के क्रम में स्पष्ट किया गया कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन सभी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर ही कार्य करेंगे तथा 6 मार्च के पश्चात महाप्रबंधक कार्यालय पर गेट मीटिंग एवं विरोध सभा आयोजित की जाएगी।
मोर्चा के पदाधिकारीयो द्वारा स्पष्ट कर दिया गया भूमि हस्तांतरण संबंधी शासन आदेश के निरस्त होने तक डाकपत्थर मुख्यालय पर किसी भी समझ अथवा आयोजन में मोर्चा के द्वारा बहिष्कार किया जाएगा । आज कुल्हाल विद्युत गृह पर गेट मीटिंग का भी आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से , उदयनत चौहान, संजय शर्मा, विकाश तोमर, रविन्द्र तोमर , प्रदीप भारद्वाज, राजेन्द्र, सतेन्द्र ध्यानी, शिवानी आदि सम्मिलित रहे सब ने काली फीती लगाकर कार्य किया।

आज के कार्यक्रम में डाकपत्थर बैराज पर पंकज रावत जॉनी गुलरिया, धीरेंद्र पंत विनीत सैनी , खोदरी पावर हाउस में संजय राणा, सूरज पुंडीर संजय सत्संगी पंकज सैनी ,भानु जोशी, रमेश कुमार, सुनील प्रेम प्रकाश, उप महाप्रबंधक कार्यालय में गोपाल बिहारी, संजय, छिबरो पावर हाउस में सुभाष, राजेश तिवारी, संदीप रवि, नवीन लालवर्मा तथा अन्य साईटो पर जयपाल तोमर, अरविंद तोमर, आशीष, जगदीश जोशी, याकूब अली, संतोष मधवाल, पूर्णप्रसाद, विकास पुंडीर,पंकज नैथानी, अजय कुमार सिंह, जागीर राणा, सुमित्रा, मोहम्मद रियाज, , राजेंद्र कापड़ी, , बच्चन सिंह, जागीर राणा, मोहम्मद रियाज, गोविंद सजवान, अभिलाष यादव, आदि के द्वारा भाग लिया गया तथा सभी कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बांधकर ही कार्य कियागया।
मोर्चा द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे जन जागरण एवं आंदोलन तथा 7 अप्रैल से होने वाली हड़ताल को भी सफल बनाने का विश्वास जताया।
मोर्चा के द्वारा स्पष्ट किया गया कि दिए गए नोटिस के अनुसार 27 मार्च को पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह तथा 6 अप्रैल को जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह किया जाएगा तथा 7 अप्रैल की प्रथम पाली से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
नोटिस के अनुसार ज्ञापन भेज कर
मोर्चा के द्वारा यमुना परियोजना की भूमि व्यावसायिक निर्माण कार्य हेतु दिए जाने के शासनादेश को निरस्त किए जाने के विरुद्ध यमुना घाटी के कार्मिकों द्वारा चलाए जा रहे हैं आंदोलन को सफल किया जाएगा।
सभा के वक्ताओं ने आक्रोश प्रकट किया कि 19 सूत्रीय समस्या पत्र को दिए हुए काफी समय होने के बाद भी तीनों पर निगमो के प्रबंधन के द्वारा उसे विषय में कोई कार्यवाही समाधान अथवा वार्ता नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए अनावश्यक रूप से आंदोलन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोर्चा की बैठक में तीनों ऊर्जा निगमो में पूर्व की भांति विभागीय विद्युत टैरिफ सुविधा, शासन में प्रदान की गई 2005 तक की गयी नियुक्तियों के सापेक्ष पुरानी पेंशन योजना लागू करने, उपनल संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारीयो के लिए समान कार्य समान वेतन ,सभी अलाउंस तथा नियमितीकरण की मांग, तकनीकी विषम परिस्थितियों के कारण प्रदान किए जाने वाले प्रारंभिक वेतन वृद्धियां, 2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को 3000 नोन फंक्शनल ग्रेड वेतन करते हुए पूर्व की भांति तृतीय एसीपी 6600 प्रदान किए जाने, चतुर्थ श्रेणीकार्मिकों को धरती एसीपी पूर्व की भांति 4600 प्रदान किए जाने, नहीं बनाए गए आवासों को आमंत्रित किए जाने,एसीपी के कारण हुई रिकवरी एवं कटौती को रद्द किए जाने, निगमो में रिक्त पदों पर भर्तियां करने, चतुर्थ श्रेणी,टेक्नीशियन एवं कार्यालय सहायक को विभागीय मोबाइल सुविधा प्रदान करने जैसी 19 सूत्रीय मांगों पर दिए गए कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस क्रम में अगले सप्ताह में धरना प्रदर्शन आदि भी किया जाएगा।

 

 

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