उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषित कार्यक्रम के अनुसार काली फीती बांधकर किया कार्य।
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषित कार्यक्रम के अनुसार काली फीती बांधकर किया कार्य।
विद्युत भवन डाक पत्थर पर गेट मीटिंग
देहरादून। गुरुवार उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की यमुना घाटी परियोजना कार्यकारिणी द्वारा दिए गए आंदोलन नोटिस के अनुसार सभी कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया एवं इस विषय में दोपहर 3:00 विद्युत भवन डाकपत्थर पर विरोध सभा भी आयोजित की गई।
मोर्चा की यमुना कार्यकारिणी के द्वारा अपने नोटिस में स्पष्ट किया गया है जब तक भूमि हस्तांतरण संबंधित शासनादेश को निरस्त अथवा संशोधित नहीं किया जाता तब तक डाकपत्थर में किसी भी निगमीय आयोजन, खेल आयोजन का बहिष्कार किया जाएगा किंतु निगम द्वारा 28 फरवरी को डाकपत्थर में इंट्रा निगम एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके विरोध में गेट मीटिंग का आयोजन करते हुए कर्मचारियों द्वारा नारेबाजी तथा धरना प्रदर्शन किया गया। गेट मीटिंग के बाद महाप्रबंधक यमुना घाटी प्रथम के साथ हुई वार्ता के पश्चात इस इंट्रा निगम आयोजन को स्थगित कर दिया गया।
वार्ता में महाप्रबंधक के द्वारा अवगत कराया गया कि उनके स्तर की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है तथा राज्य स्तर की समस्याओं हेतु मुख्यालय प्रबंधन को भेज दिया गया है।
मोर्चा के द्वारा अपना कार्यक्रम यथावत जारी रखा जाएगा। जिसमें कर्मचारी प्रतिदिन काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पर विरोध दर्ज करेंगे।
मोर्चा के द्वारा राज्य स्तर पर 19 सूत्रीय समस्या पत्र, तथा महाप्रबंधक यमुना घाटी को दिए गए आंदोलन नोटिस के क्रम में स्पष्ट किया गया कि 6 मार्च के पश्चात महाप्रबंधक कार्यालय पर गेट मीटिंग एवं विरोध सभा आयोजित की जाएगी। मोर्चा के समस्त घटक संगठनों के सदस्यों द्वारा आक्रोश प्रकट किया गया कि निगम के स्तर पर किसी भी वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
मोर्चा के पदाधिकारीयो द्वारा स्पष्ट कर दिया गया भूमि हस्तांतरण संबंधी शासन आदेश के निरस्त होने तक डाकपत्थर मुख्यालय पर किसी भी समारोह अथवा आयोजन में मोर्चा के द्वारा आगे भी बहिष्कार किया जाएगा ।
आज के विरोध सभा कार्यक्रम में जगदीश जोशी, सुभाष सिंह, अभिलाष यादव, गोपाल बिहारी , निखिल गिरी वसंत जोशी, दिनेश,संजय राणा, पंकज रावत, याकूब अली, पंकज नैथानी, जॉनी गुलरिया, प्रेम प्रकाश, संजय सत्संगी, भगवान प्रसाद,राजेश चंद्र तिवारी, विनीत सैनी , अनूप चौहान , मनवर सिंह खाती,सुल्तान सिंह, दिग्विजय सिंह रावत, अजय कुमार सिंह वेदपाल आर्य, सुमित्रा , माया तोमर,रेनू तोमर, विवेक कुमार, संजीव कुमार, रमेश कुमार, सुनील, मोहम्मद रियाज , संदीप रवि, नवीन लाल वर्मा, जयपाल तोमर, अरविंद तोमर, आशीष, संतोष मधवाल, पूर्ण प्रसाद, विकास पुंडीर,जागीर , राजेंद्र कापड़ी, , बच्चन सिंह, जागीर राणा, मोहम्मद रियाज, गोविंद सजवान, , आदि के द्वारा भाग लिया गया तथा सभी कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बांधकर ही कार्य कियागया।
मोर्चा द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे जन जागरण एवं आंदोलन तथा 7 अप्रैल से होने वाली हड़ताल को भी सफल बनाने का विश्वास जताया।
मोर्चा के द्वारा स्पष्ट किया गया कि दिए गए नोटिस के अनुसार 27 मार्च को पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह तथा 6 अप्रैल को जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह किया जाएगा तथा 7 अप्रैल की प्रथम पाली से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
नोटिस के अनुसार ज्ञापन भेज कर मोर्चा के द्वारा यमुना परियोजना की भूमि व्यावसायिक निर्माण कार्य हेतु दिए जाने के शासनादेश को निरस्त किए जाने के विरुद्ध यमुना घाटी के कार्मिकों द्वारा चलाए जा रहे हैं आंदोलन को सफल किया जाएगा।
सभा के वक्ताओं ने आक्रोश प्रकट किया कि 19 सूत्रीय समस्या पत्र को दिए हुए काफी समय होने के बाद भी तीनों पर निगमो के प्रबंधन के द्वारा उसे विषय में कोई कार्यवाही समाधान अथवा वार्ता नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए अनावश्यक रूप से आंदोलन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोर्चा की बैठक में तीनों ऊर्जा निगमो में पूर्व की भांति विभागीय विद्युत टैरिफ सुविधा, शासन में प्रदान की गई 2005 तक की गयी नियुक्तियों के सापेक्ष पुरानी पेंशन योजना लागू करने, उपनल संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारीयो के लिए समान कार्य समान वेतन ,सभी अलाउंस तथा नियमितीकरण की मांग, तकनीकी विषम परिस्थितियों के कारण प्रदान किए जाने वाले प्रारंभिक वेतन वृद्धियां, 2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को 3000 नोन फंक्शनल ग्रेड वेतन करते हुए पूर्व की भांति तृतीय एसीपी 6600 प्रदान किए जाने, चतुर्थ श्रेणीकार्मिकों को धरती एसीपी पूर्व की भांति 4600 प्रदान किए जाने, नहीं बनाए गए आवासों को आमंत्रित किए जाने,एसीपी के कारण हुई रिकवरी एवं कटौती को रद्द किए जाने, निगमो में रिक्त पदों पर भर्तियां करने, चतुर्थ श्रेणी,टेक्नीशियन एवं कार्यालय सहायक को विभागीय मोबाइल सुविधा प्रदान करने जैसी 19 सूत्रीय मांगों पर दिए गए कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस क्रम में अगले सप्ताह में धरना प्रदर्शन आदि भी किया जाएगा।

