उत्तराखंड

विद्युत कर्मियों ने पिटकुल मुख्यालय में दिया धरना, हड़ताल की दी चेतावनी

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा

13 मार्च 2026 देहरादून।

पिटकुल मुख्यालय तथा पूरे राज्य में गेट मीटिंग का आयोजन 

7 अप्रैल 2026 से हडताल

आज दिनांक 13 मार्च 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में राज्य में चलाए जा रहे आंदोलन कार्यक्रम के अंतर्गत पिटकुल मुख्यालय माजरा देहरादून पर गेट मीटिंग का आयोजन किया गया।
आज की सभा की अध्यक्षता श्री प्रदीप कंसल तथा संचालन श्री सुनील तंवर के द्वारा किया गया।

आज की सभा में घातक संगठनों के पदाधिकारीयों तथा वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया कि मोर्चा के द्वारा दिए गए गेट मीटिंग कार्यक्रम के कारण पिटकुल मुख्यालय के दोनों द्वार पर ताला लगाकर कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। मोर्चा के राज्य स्तरीय दूसरे चरण में कर्मचारी मुख्यालय पर गेट मीटिंग कर रहे हैं । अभी तक प्रबंधन के द्वारा वार्ता के माध्यम से कोई समाधान नहीं किया गया है इसलिए 17 मार्च 2026 को यूजेविएन लि० मुख्यालय पर तथा पूरे राज्य मे गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी ।
मोर्चा के द्वारा फरवरी माह में डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण का शासन आदेश रद्द करने सहित विभिन्न 19 समस्याओं के विषय में समस्या पत्र दिया गया था।
इसके अतिरिक्त सभा में पूरे पूरे प्रदेश में मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दिए गए आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 17 मार्च को गेट मीटिंग संपन्न करने का निर्णय लिया गया।
आज की गेट मीटिंग में एच एस रावत ,अशोक सैनी,आजाद सिंह ,बीरबल सिंह,कमल शर्मा ,कार्तिकेय दुबे,सुनील तंवर,सुनील मोगा, शैलेंद्र सिंह,केहर सिंह, रेखा डंगवाल, राकेश शर्मा,राजवीर सिंह, पंकज सैनी,अमित रंजन,ब्रजेश यादव, रविंद्र प्रताप सिंह,पीपी शर्मा,राजीव सिंह,डी आर कश्यप, प्रदीप कुमार, विक्रांत कुमार,आदि ने अपने विचार रखें।

इसके पश्चात भी समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर पूरे राज्य के ऊर्जा कार्मिक दिनांक 27 मार्च को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर एकदिवसीय सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसी क्रम में दिनांक 6 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड जल विद्युत निगम मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह तथा तत्पश्चात मध्य रात्रि से पूर्ण हड़ताल का आवाहन किया गया है।

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के डाकपत्थर और ढालिपुर स्थित जल विद्युत परियोजनाओं की 76.73 हेक्टेयर भूमि कोनिवेदन उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से निजी क्षेत्र से आवंटित करने के निर्णय का भी कड़ा विरोध किया गया। सभी घटक संगठनों ने चेतावनी दी कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य प्रयोजनों में हस्तांतरित करना लखवाड, किशाऊ तथा यमुना बेसिन की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा और इसका प्रदेश के सभी बिजली कार्मिक, अवर अभियंता, अभियंता और कर्मचारी जोरदार विरोध करेंगे।

इन परिस्थितियों को देखते हुए मोर्चा की मुख्य मांग;

* यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
* तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन तथा नियमितीकरण का लाभ तत्काल प्रदान कियाहै।
* वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
* वर्ष 2005 तक की विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाये।
* 2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन तथा चतुर्थ श्रेणी को 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
* नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सहायक अभियंता,अवर अभियंता, टेक्नीशियन को दिया जाये।
* tg2 तथा tg1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।
* इसकी अतिरिक्त मोर्चा के समस्या पत्र में दी गई सभी समस्याओं पर जब तक वार्ता अथवा समाधान नहीं होता तब तक मोर्चा का आंदोलन कार्यक्रम जारी रहेगा।

मोर्चा की सभा में निर्णय लिया गया की केंद्रीय स्तर पर दिए गए नोटिस के अनुसार 17 मार्च को पूरे राज्य में गेट मीटिंग का आयोजन किया जाएगा तथा _27 मार्च को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय ऊर्जा भवन देहरादून पर विशाल सत्याग्रह में सभी कर्मचारी शामिल होंगे।

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