उत्तराखंड

देहरादून में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

देहरादून में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

देहरादून।अवैध प्लॉटिंग और अनियोजित विकास के खिलाफ मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में करीब 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित कर जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया।

एमडीडीए को लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि इन्द्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। इस प्लॉटिंग के लिए न तो कोई लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही आवश्यक अनुमति ली गई थी।

शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया, जिसमें अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण अभियान चलाते हुए अवैध रास्तों, प्लॉटों की सीमांकन दीवारों और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा।

एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण का कहना है कि देहरादून तेजी से विकसित हो रहा है और इस दौरान कई जगह बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने के प्रयास सामने आ रहे हैं, जिससे शहर के सुनियोजित विकास पर असर पड़ता है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है। गणेशपुर में करीब 20–30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया है और आगे भी ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण की स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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