उत्तराखंड पेयजल निगम में 25 पदों में हुई डीपीसी,इस एसोसिएशन ने किया विरोध
देहरादून।उत्तराखंड पेयजल निगम में लंबे समय से अधिशासी अभियंता के खाली पदों पर डीपीसी को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। पिछली बार 4 अगस्त को डीपीसी की बैठक ऐन मौके पर स्थगित हो गई थी। इस बार डीपीसी की तारीख 16 अगस्त तय की गई थी ।हालांकि की डीपीसी हो गई है। सूत्रों की मानें तो अभी सभी सदस्यों के साइन डीपीसी में नहीं हो पाए हैं ।अधिशासी अभियंता के 16 खाली पदों और नौ अगले 6 महीने के भीतर खाली होने वाले पदों पर डीपीसी के खिलाफ पेयजल निगम एससी-एसटी इंप्लाइज एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है।
एसोसिएशन के महासचिव सुनील कुमार ने कहा है कि इस डीपीसी पर एससी आयोग ने रोक लगा दी थी। आयोग उपाध्यक्ष की ओर से MD जल निगम को डीपीसी ना करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी डीपीसी की प्रक्रिया कर आयोग के आदेश का उल्लंघन किया गया है।इसकी शिकायत राष्ट्रीय एससी आयोग से की गई है।जल निगम में अधीक्षण अभियंता के पदों पर हुई डीपीसी के आदेश अभी तक जारी नहीं हुए है ।आदेश न होने के कारण अधिशासी अभियंता के कुछ कम पदों पर डीपीसी हुई है।SE की डीपीसी होने पर अधिशासी अभियंता के कुछ और पदों पर भी डीपीसी हो सकती है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता के 25 पदों पर डीपीसी कर दी गई है।इस डीपीसी का पेयजल निगम एससी एसटी एम्प्लाइज एसोसिएशन ने अनुसूचित जाति आयोग के आदेश का उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रीय आयोग में शिकायत कर दी है।
सभी पहलुओं को देखकर डीपीसी की गई है।यदि भविष्य में किसी भी स्तर में कोई आदेश होता है तो यह डीपीसी उसके अधीन रहेगी। इसे देखते हुए कुछ पद रिजर्व भी रखे गए हैं।
उदय राज एमडी जल निगम

