मुख्य सचिव उत्तराखंड में सड़कों की दुर्गति पर नाराज,अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी
देहरादून।उत्तराखंड में बदहाल सड़कें प्रदेश को विकास का आईना दिखाने के लिए काफी है।प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर मुख्य सचिव एसएस संधू ने अधिकारियों के साथ बैठक की और अपनी नाराजगी व्यक्त की।
मुख्य सचिव एसएस संधू ने बुधवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में मसूरी और देहरादून की सड़कों की स्थिति के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त करने के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने सड़कों की दुर्गति पर नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को 2 दिन में (शुक्रवार तक) देहरादून और मसूरी की प्रत्येक सड़क का डेटवाइज कंप्लीशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए एडवर्स एंट्री भी दिए जाने की बात भी कही।
मुख्य सचिव ने मसूरी में सड़कों के साथ बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन में भविष्य में दिए जाने कनेक्शनों के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए, जिससे दोबारा सड़कें न खोदनी पड़ें। उन्होंने मसूरी मालरोड के सौंदर्यीकरण के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए और साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाएं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों में आ रही समस्याओं के समाधान निकाल कर कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वह खुद सभी कार्यों की प्रत्येक सप्ताह मीटिंग लेंगे. लापरवाही बरते जाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी, साथ ही एडवर्स एंट्री दी जाएगी।
उत्तराखंड में सड़कों की बदहाल हालत पर आम लोगों को हर दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।

