उत्तराखंड जल संस्थान में अब अटैचमेंट का खेल शुरु
देहरादून। उत्तराखंड में तबादला एक उधोग बनकर रह गया है। जिसके पास पैंसा और सेटिंग गेटिंग व मौज कर रहा है। जिसका कोई सुनने वाला नहीं है वह सरकार-शासन की नीतियों को कोस रहा है।उत्तराखंड के अधिकांश विभागो के तबादले हो गए हैं लेकिन उत्तराखंड जल संस्थान में अभी तक कई सालों से पहाड़ी डिवीजनों में तैनात अभियन्ताओं का ट्रान्सफर नहीं हुआ है।

उत्तराखंड जल संस्थान में नीलिमा गर्ग के मुख्य महाप्रबंधक बनते ही उन्होंने अटैचमेंट का खेल शुरु कर दिया है।विभाग में कई अभियंता ऐसे है जो सालों से दुर्गम स्थानों में कार्य कर रहे है जिनका ट्रांसफर आज तक सुगम में नहीं हुआ है।ये अभियंता कई सालों से अपना ट्रांसफर का इंतजार कर रहे है।विभाग की मुख्य महाप्रबंधक अपने चहेतें अधिकारियों जो सालों से देहरादून जिलों में सेवायें दे रहे है उनका अटैचमेंट राजधानी वाले डिवीजनों मे कर रही है इसके विपरित सालों से दुर्गम स्थानों मे तैनात अभियन्ताओं जो सालों से सुगम में ट्रांसफर का इंतजार कर रहा है उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

उत्तराखंड जल संस्थान की कार्यप्रणाली अक्सर विवादों में रहती है।विभाग मे कभी अधीक्षण अभियंता नियम विरुद्ध सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता का ट्रांसफर का आदेश जारी कर देते है। आदेश में किस नियम के तहत तबादला किया गया इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं है।इस नियम विरुद्ध ट्रान्सफर करने वाले अधिकारी पर जल संस्थान विभाग मेहरबान है।विभाग ने नियम विरुद्ध ट्रान्सफर करने वाले अधिकारी पर कोई कार्रवाई न करते हुए इस नियम विरुद्ध हुए ट्रांसफर पर अपनी मुहर लगा दी।

