एस्मा से नहीं डरेंगे पेयजल कर्मी, जरूरत पड़ी तो देंगे सामूहिक गिरफ्तारी
//दिनांक 27.02.2024 को पेयजल कार्मिकों का विधानसभा कूच, राजकीयकरण की मांग न माने जाने पर हड़ताल तय। एस्मा से नहीं डरेंगे पेयजल कर्मी, जरूरत पड़ी तो देंगे सामूहिक गिरफ्तारी । //
जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा द्वारा दिनांक 27.02.2024 को किए जा रहे विधानसभा कूच हेतु पूरे राज्य के कार्मिकों में अत्यधिक उत्साह है तथा राजकीयकरण का माँग मनवाये जाने हेतु आर-पार की लड़ाई के मूड़ में है।
आज विधानसभा कूच की तैयारी बैठक में अध्यक्षता कर रहे संयोजक श्री रमेश बिंजोला जी द्वारा कहा गया कि कुछ पूर्व अधिकारी जिनके द्वारा अभी तक केंद्रीय सामानों की खरीद में ठेकेदारी की जा रही है, के द्वारा इस भय से की एकीकरण व राजकीयकरण होने से उनके काले कारनामें उजागर हो जायेंगे, अपने कुछ जैबी संगठनों जिनको न तो मान्यता प्राप्त है, न ही उनके संगठन में सदस्यों की संख्या मानकों के अनुरूप है, के द्वारा भ्रम फैलाने के लिए गलत बयानबाजी की जा रही है। इस सम्बन्ध में कल जल संस्थान मुख्यालय में मुख्य महाप्रबन्धक श्रीमती नीलिमा गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में, जिसमें सभी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी तथा मोर्चा के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, यह सर्वसम्मति से तय किया गया था कि तत्काल राजकीयकरण के साथ एकीकरण हो, परन्तु सचिव प्रशासन श्री सतेंद्र कुमार गुप्ता द्वारा गलत विज्ञप्ति जारी करते हुए 6 माह तक राजकीयकरण को लटकाने का प्रयास किया गया है, जो श्री सतेंद्र कुमार गुप्ता का निंदनीय कृत्य है।
संयोजक श्री विजय खाली ने कहा कि उत्तराखण्ड पेयजल निगम व उत्तराखण्ड जल संस्थान के
कार्मिकों की प्रमुख माँग राजकीयकरण की है और जल निगम-जल संस्थान का एकीकरण करते हुए तुरन्त राजकीय
विभाग घोषित किया हित एकीकरण व राजकीयकरण होने से प्रभावित हो रहे हैं, उनके द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा
है कि शासन द्वारा केवल एकीकरण करने पर सहमति दी गई है, राजकीयकरण पर नहीं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।
जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा द्वारा पुनः यह स्पष्ट किया जाता है कि राजकीयकरण से कम कुछ भी मंजूर
नहीं होगा। साथ ही राज्य हित के इस विषय पर अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण अड़ंगा लगाने का प्रयास कर रहे
अधिकारियों का कच्चा चिट्ठा भी माननीय मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाएगा।
संयोजक गढ़वाल श्री श्याम सिंह नेगी ने कहा कि जिन अधिकारियों के द्वारा एकीकरण व राजकीयकरण की राह में रोडे अटकाए जायेंगे और अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए कर्मचारियों का अहित किया जायेगा उनका पोल खोल कार्यक्रम भी मोर्चा द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 27.02.2024 की रैली हेतु दूरस्थ क्षेत्रों से कार्मिकों के द्वारा देहरादून में विशाल शांतिपूर्वक रैली निकाली जायेगी। यदि माँगें न मानी गई तो दिनांक 28.02.2024 से पेयजल कार्मिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं और यदि सरकार द्वारा उनकी माँगें न मानी गई तो वे सामूहिक गिरफ्तारी भी दे सकते हैं।
बैठक में निम्न कार्मिक उपस्थित रहे :-
श्री रमेश विंजोला, श्री विजय खाली, श्री श्याम सिंह नेगी, श्री राम चन्द्र सेमवाल, श्री संदीप मल्होत्रा, श्री आनंद सिंह राजपूत, श्री लक्ष्मी नारायण भट्ट, श्री राम कुमार, श्री भजन सिंह चौहान, श्री लाल सिंह रौतेला, श्री शिशुपाल सिंह रावत, श्री आशीष तिवारी, श्री सुमीत पुन्न।

