उत्तराखंड

राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सेवा में

माननीय मुख्यमंत्री जी. उत्तराखण्ड सरकार देहरादून।

विषय-राज्य निगम कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के सम्बन्ध में।

महोदय

राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ द्वारा सार्वजनिक निगमों/संस्थानों/उपक्रमों में कार्मिकों की भारी कमी के कारण दैनिक वेतन, सविंदा, विशेष श्रेणी, उपनल, पी०टी०सी० एवं आउटसोर्स के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। कार्मिकों की लगातार कमी के कारण सेवानिवृति के करीब पहुंच चुके कार्मिकों पर कार्यों का भारी दबाव है तथा जो कार्मिक लम्बे समय से नियमितीकरण होने की आशा में कार्य कर रहे है उनकी पूर्ण उत्साह एवं उच्च मनोबल से कार्य करने की क्षमता घट रही है। साथ ही महासंघ अनुरोध करता है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार वर्ष 2024 तक 10 वर्ष तक की लगातार सेवा करने वाले कार्मिकों का नियमितीकरण किया जाये। जिसके सम्बन्ध में महासंघ द्वारा पूर्व में भी आवश्यक कार्यवाही करने हेतु अनुरोध किया गया था परन्तु कार्यवाही वर्तमान तक भी अपेक्षित है

जिससे कार्मिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अतः महासंघ आपसे पुनः निम्न बिन्दुओं पर शीघ्र कार्यवाही करने का अनुरोध करता है।

1. मांग संख्या-1

(अ) सार्वजनिक निगम/निकाय/संस्थान/उपक्रमों में कार्यरत संविदा/उपनल / आउटसोर्स विशेष श्रेणी, दैनिक वेतन, पी०टी०सी०, कार्मिकों को शीघ्र नियमित करते हुये सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाये।

५) सार्वजनिक निगम/निकाय/संस्थानों/उपक्रमों में संरचनात्मक ढाँचों का पुर्नगठन करते हुये, रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाये।

( (स) सार्वजनिक निगमों में जॉब वर्क के नाम पर ठेकेदारी प्रथा को शीघ्र समाप्त किया जाये।

2. मांग संख्या-2 माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में हुई बैठक के अनुसार राज्य कर्मचारियों के हित में होने वाले सभी शासनादेशों को सार्वजनिक निगमों निकायों संस्थानों में यथावत लागू किया जाये।

मांग संख्या-3 वेतन विसंगत्ति समिति की रिपोर्ट कार्मिकों के हित में शीघ्र सार्वजनिक किया जाये।

3. 4. मांग संख्या-4 ए०सी०पी० 10,16,26 पूर्व की भाँति सभी निगमों में शीघ्र अनुमन्य कराया जाये।

5. मांग संख्या-5 माननीय न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों को शीघ्र लागू किया जाये।

6. मांग संख्या- सार्वजनिक निकायों, निगमों, संस्थानों में वर्ष 2014 के पश्चात् कार्यरत सभी कार्मिकों को पेंशन लागू किया जाये।

7. मांग संख्या-7 गोल्डन कार्ड के अन्तर्गत मिलने वाली सुविधायें कुछ निजी चिकित्सालयों द्वारा बंद कर दी गयी है, जबकि कार्मिकों के वेतन से प्रतिमाह कटौती की जा रही है साथ ही कार्मिकों के स्वास्थ्य प्राधिकरण में लम्बित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाये।

३. मांग संख्या- सभी सार्वजनिक निगम / निकाय/संस्थानों / उपक्रमों में पदोनत्ति में सिथलीकरण का लाभ शीघ्र अनुमन्य कराया जाये।

9. भांग संख्या-9 एम०ए०सी०पी० में ₹ 1900 ग्रेड पे० को समाप्त कर ₹ 2000 किया जाये, ताकि वेतन विसतियां उत्पन्न न हों।

10. मांग संख्या-10 राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ की परिसंघ के रूप में मान्यता हेतु शासन में सार्वजनिक उद्योग विभाग में फाईल लम्बित है। अतः मान्यता प्रदान करने की कृपा करें।

अतः महोदय महासंघ आपसे अनुरोध करता है कि उक्त बिन्दुओं पर 15 दिवस के अन्तर्गत आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करेंगे। महोदय कार्यवाही न होने पर महासंघ को आंदोलन का निर्णय लेने के लिये बाध्य होना पड़ेगा।

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