ऊर्जा प्रदेश की कार्यरत तथा निर्माणानाधीन जल विद्युत परियोजनाओं पर भूमि संकट
ऊर्जा प्रदेश की कार्यरत तथा निर्माणानाधीन जल विद्युत परियोजनाओं पर भूमि संकट।
देहरादून।आज यमुनाघाटी परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड शासन के द्वारा जल विद्युत परियोजना की भूमि को यूआईडीबी को स्थानांतरित करने तथा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने के विरोध में यमुना घाटीके प्रमुख विद्युत ग्रह छिबरो,खोदरी, ईछाड़ी डैम पर कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।

मोर्चा के केंद्रीय नेताओं की कल डाकपत्थर में बैठक हुई थी जिसमें निर्णय लिया गया की 15 दिन की समय सीमा में अगर प्रबंध निदेशक द्वारा इस समस्या का समाधान करते हुए कोई कार्यवाही नहीं की गई तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा । विरोध के क्रम में आज कर्मचारियों द्वारा विभिन्न विद्युत ग्रहों डैम पर नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन करते हुए शासन आदेश को निरस्त करने तथा कर्मचारी आवासीय कॉलोनी, पावर हाउस से संबंधित स्टोर, नलकूप, विद्यालय ,बैंक, अस्पताल आदि की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। कर्मचारी संगठनों द्वारा आक्रोश प्रकट किया गया कि तीनों ऊर्जा निर्गमन के प्रबंधन कर्मचारियों के हितों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। तीनों निगमन में पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक एवं निदेशक के पद रिक्त पढ़े हैं उन पर कोई नियुक्तियां नहीं की जा रही है।

कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया अगर अन्याय पूर्ण शासन आदेश को निरस्त नहीं किया जाता तो कर्मचारी किसी भी स्तर तक आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे।
आज के कार्यक्रम में छिबरो विद्युत गृह में याकूब अली, राजेश तिवारी, नरेश मैखुरी, आफताब आलम,सुभाष,नवीन लाल वर्मा, संजय कुमार ,खोदरी पावर हाउस में प्रेम प्रकाश, दिग्विजय सिंह रावत, दिनेश बिष्ट , मोहम्मद अफजल, रोहतास, विवेक कुमार,पंकज सैनी, रितु पुलकित,वेदपाल आर्य , साक्षी चौहान, छोटू, गोविंद , संजय राणा, राम श्री, आस्था तोमर भीम सिंहथापा, अरविंदतोमर, मनोज कुमार आदि,ईछाड़ी डैम पर गेंदाराम धर्म सिंह, सोनू संतराम, हिमांशु रावत, नीटू डाबरा, आदि ने भाग लिया।
डाकपत्थर परियोजना एवं ढालीपुर में भूमि विद्युत उत्पादन कार्यों हेतु पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा अधिग्रहित की गई थी। तथा इस भूमि का ले आउट विद्युत परियोजनाओं हेतु स्थापित किया गया है जिसमें निर्माणनाधीन बहुउद्देशीय लखवाड़ बांध परियोजना, किशाउ परियोजना, अराकोट त्यूनी के विभिन्न स्टोर्स कार्यालय डिजाइन ऑफिस आदि बनाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त परियोजना क्षेत्र में लगभग 10 विद्यालय, बैंक , पुलिस चौकी, दूरभाष केंद्र, व्यापारिक संस्थान , कॉलेज, धार्मिक स्थल स्थापित हैं जिनमें इस क्षेत्र के नागरिक विशेष कर जौनसार तथा आसपास की ग्राम पंचायत के नागरिकों हेतु शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अत्यंत खेद का विषय है कि बिना प्रभावित पक्षो को इस विषय में कोई सहमति बनाएं या सूचना दिए इस प्रकार का शासन आदेश निर्गत किया गया है जिससे प्रतीत होता है कि डाकपत्थर जैसी विकसित जगह को हटाकर नागरिकों तथा कर्मचारियों के मध्य असंतोष फैलाया जा रहा है।
मोर्चा के सभी घटक संगठनों के स्थानीय पदाधिकारीयो का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश पर कर्मचारी किसी भी आंदोलन हेतु तैयार हैं जिसमें हड़ताल भी सम्मिलित है।

