उत्तरांचल पावर इन्जीनियर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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उत्तरांचल पावर इन्जीनियर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0 में 60 वर्ष की अधिवर्षता पूर्ण करने के उपरान्त निदेशक के पद पर सेवा विस्तार के संबंध में

माननीय मुख्यमंत्री जी,

उत्तराखण्ड सरकार, सुभाष रोड़, देहरादून, उत्तराखण्ड।

विषय- उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0 में 60 वर्ष की अधिवर्षता पूर्ण करने के उपरान्त निदेशक के पद पर सेवा विस्तार के संबंध में।

महोदय,

कृपया उपरोक्त विषयक आपके संज्ञान में लाना है कि उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0 में 60 वर्ष की अधिवर्षता पूर्ण करने के उपरान्त निदेशक के पद पर प्रभार के रूप में सेवा विस्तार दिया जा रहा है जो कि मुख्य अभियन्ता के मूल पद पर सेवा विस्तार दिया गया था जो कि दिनांक 31/03/2026 को समाप्त हो रहा है।

महोदय, एसोशिएसन के संज्ञान में आया है कि मुख्य अभियन्ता के मूल पद पर पुनः सेवा विस्तार कर प्रभारी निदेशक का कार्यभार दिये जाने पर विचार किया जा रहा है। महोदय, एक ओर जहाँ निदेशक के पद पर प्रभार दिये जाने से अनुभवी विभागीय अधिकारियों को निदेशको के पदों पर नियुक्ति का अवसर समाप्त हो जाता है, वहीं दूसरी ओर मूल पद (मुख्य अभियन्ता) पर सेवा विस्तार दिये जाने से पात्रता प्राप्त मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता व अधिशासी अभियन्ता के पद पर पदोन्नति प्रभावित होती है, जिससे वर्षों से कारपोरेशन में सेवा दे रहे पात्रता प्राप्त अनुभवी एवं वरिष्ठ अभियन्ताओं का मनोबल धराशायी होता है एवं ऐसी परिस्थिति उत्पन्न होने की संभावना बन सकती है कि एक अधिकारी का मूल पद पर सेवा विस्तार होने के कारण दूसरा पात्रता प्राप्त अधिकारी बिना पदोन्नति पाये सेवानिवृत हो जाये जो कि उस अधिकारी के अधिकारों का भी हनन होगा एवं एसोशिएसन इस प्रकार के मूल पद पर सेवा विस्तार का विरोध करता है।

अतः महोदय आपसे विनम्र अनुरोध है कि उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० में निदेशक (परिचालन) के पद पर कथित मूल पद पर सेवा विस्तार न दिया जाए, अन्यथा समस्त स्थायी अभियन्ताओं की सेवानिवृत्ति की आयु भी 62 वर्ष कर दी जाए।

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