भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना पर NHAI का बड़ा स्पष्टीकरण

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भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना पर NHAI का बड़ा स्पष्टीकरण

देहरादून।भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर सोशल मीडिया और कुछ खबरों में लगाए जा रहे पर्यावरण एवं वन संरक्षण संबंधी दावों पर NHAI ने जवाब दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

NHAI के अनुसार, वन क्षेत्र में सड़क का राइट ऑफ वे (ROW) 60 मीटर से घटाकर सिर्फ 23 मीटर रखा गया है, ताकि जंगलों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। साथ ही हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 1 ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास, 4 एलीफेंट अंडरपास, 6 बॉक्स कल्वर्ट और 13 पाइप कल्वर्ट बनाए जा रहे हैं।

प्राधिकरण ने बताया कि प्रतिपूरक वनीकरण और 10 वर्षों के रखरखाव के लिए ₹1.97 करोड़ जमा किए गए हैं। इसके अलावा वन्यजीव राहत योजना और मिट्टी एवं जल संरक्षण योजना के लिए ₹6.04 करोड़ से अधिक की राशि भी उपलब्ध कराई गई है। राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए 40 हेक्टेयर गैर-वन भूमि वन विभाग को सौंपी गई है।परियोजना से प्रभावित 4,369 पेड़ों में से 754 पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से प्रत्यारोपण किया जाएगा, जबकि शेष का नियमानुसार प्रबंधन होगा।

NHAI ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर पेड़ों की कटाई किए जाने के दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। इस मामले में दायर अवमानना याचिका को भी न्यायालय खारिज कर चुका है। प्राधिकरण का कहना है कि परियोजना सभी आवश्यक वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों और न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए ही संचालित की जा रही है।

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