कौलागढ़ पेयजल योजना का जिम्मा अब पेयजल निगम के हवाले, जल संस्थान को दो दिन में अभिलेख हस्तांतरित करने के निर्देश
कौलागढ़ पेयजल योजना का जिम्मा अब पेयजल निगम के हवाले, जल संस्थान को दो दिन में अभिलेख हस्तांतरित करने के निर्देश
देहरादून। अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कौलागढ़ पेयजल योजना के निर्माण में लगातार आ रही निविदा संबंधी अड़चनों के बाद शासन ने योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तराखण्ड जल संस्थान से लेकर उत्तराखण्ड पेयजल निगम को सौंपने का निर्णय लिया है।
सचिव, उत्तराखण्ड शासन रणवीर सिंह चौहान की ओर से मुख्य महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान को जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि कौलागढ़ पेयजल योजना से संबंधित प्राक्कलन, सर्वे रिपोर्ट और अन्य सभी निविदा अभिलेख दो दिवस के भीतर उत्तराखण्ड पेयजल निगम को हस्तांतरित किए जाएं।
पत्र के अनुसार जनपद देहरादून की कौलागढ़ पेयजल योजना की निर्माण लागत ₹42.2892 करोड़ (₹4228.92 लाख) है। योजना को शासनादेश संख्या-348501, दिनांक 28 नवंबर 2025 के माध्यम से स्वीकृति प्रदान की गई थी। वहीं, भारत सरकार द्वारा अमृत 2.0 कार्यक्रम को 31 मार्च 2027 तक विस्तारित किया गया है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के भीतर योजना का निर्माण पूरा किया जाना आवश्यक है।
शासन के पत्र में बताया गया है कि उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा योजना के लिए चार बार निविदाएं आमंत्रित की गईं, लेकिन उन्हें अंतिम रूप नहीं दिया जा सका और प्रत्येक बार निविदा निरस्त करनी पड़ी। इससे योजना की प्रगति प्रभावित हो रही थी।
समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने की आवश्यकता को देखते हुए शासन ने अब इसके क्रियान्वयन का जिम्मा उत्तराखण्ड पेयजल निगम को देने का निर्णय लिया है। अभिलेख हस्तांतरण के बाद योजना से संबंधित आगे की सभी कार्यवाहियां पेयजल निगम के स्तर से संपादित की जाएंगी।
