जल संस्थान कर्मचारियों ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक को भेजा पत्र, 15 दिन का अल्टीमेटम
Oplus_16908288
जल संस्थान कर्मचारियों ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक को भेजा पत्र, 15 दिन का अल्टीमेटम
देहरादून, 11 अगस्त। उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्य महाप्रबंधक, उत्तराखण्ड जल संस्थान को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। संघ ने सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर निस्तारण की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर संघ ने धरना-प्रदर्शन सहित आंदोलन की चेतावनी दी है।
संघ की प्रमुख मांगों में उत्तराखण्ड जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करने, समूह ‘घ’ से समूह ‘ग’ में कर्मचारियों की शीघ्र पदोन्नति, संविदा, तदर्थ, अंशकालिक, दैनिक वेतनभोगी, वर्कचार्ज एवं उपनल कर्मचारियों के विनियमितीकरण तथा समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ देने की मांग शामिल है।
संघ ने उपनल कर्मचारियों को श्रेणीवार वेतनमान, ईपीएफ, ईएसआई एवं जीएलआईसी की सुविधा देने, राशिकरण व्यवस्था पुनः लागू करने तथा वर्ष 1996 से सेवा लाभ दिए जाने संबंधी न्यायालय के आदेशों को लागू करने की भी मांग की है।
इसके अलावा विभागीय ढांचे में कर्मचारियों के पद बढ़ाने, सहायक लेखाकार, पम्प चालक एवं फिटर आदि संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने, आवश्यक सेवा भत्ता देने, पुराने विभागीय आवासों का जीर्णोद्धार एवं नए आवासों का निर्माण कराने की मांग भी की गई है।
संघ ने पीटीसी, संविदा एवं अनुबंधित कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन देने, मृतक आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति में टाइपिंग टेस्ट की बाध्यता से मुक्त करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर विभागीय संविदा पर कर्मचारियों की नियुक्ति करने तथा जनप्रतिनिधियों के दबाव में बिना तथ्यों की जांच के कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।
हरिद्वार शाखा में उपनल के माध्यम से कार्यरत कनिष्ठ अभियंता विशाल यादव के रुद्रप्रयाग स्थानांतरण को तत्काल निरस्त करने, हरिद्वार एवं रुड़की शाखा में हुए कथित वित्तीय गबन के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, जल मूल्य देयकों की बिलिंग पूर्व की भांति चार-चार माह में कराने तथा निजी अनुरोध पर स्थानांतरण संबंधी लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई की मांग भी पत्र में की गई है।
संघ ने रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति, दिलाराम स्थित अपर जोन के जर्जर राजस्व कार्यालय की मरम्मत तथा उत्तर और दक्षिण शाखा देहरादून के पुराने एवं जीर्णशीर्ण कार्यालय भवनों के पुनर्निर्माण की मांग भी उठाई है।
पत्र में संघ पदाधिकारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं मुलाकात के लिए समय नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ ने मुख्य महाप्रबंधक से कर्मचारियों एवं संघ पदाधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वार्ता करने की अपेक्षा की है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन सहित आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। संघ के अनुसार आगामी आंदोलन की रूपरेखा धरना स्थल पर तय की जाएगी।




