UPCL देहरादून में अर्बन-रूरल व्यवस्था पर सवाल, एक ही अधीक्षण अभियंता के पास दोनों का चार्ज!
UPCL देहरादून में अर्बन-रूरल व्यवस्था पर सवाल, एक ही अधीक्षण अभियंता के पास दोनों का चार्ज!
लापरवाही या प्रशासनिक मजबूरी? कार्यप्रणाली को लेकर उठे गंभीर सवाल
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) में देहरादून की बिजली व्यवस्था को लेकर कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। देहरादून में अर्बन और ग्रामीण विद्युत वितरण व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधीक्षण अभियंता के पद निर्धारित हैं, लेकिन दोनों व्यवस्थाओं का चार्ज एक ही अधिकारी के पास होने की स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। UPCL की आधिकारिक सूची में EDC (Urban) और EDC (Rural) अलग-अलग सर्किल के रूप में दर्ज हैं।
एक ओर देहरादून शहर में लगातार बढ़ता विद्युत भार, स्मार्ट मीटरिंग, उपभोक्ता शिकायतों और लाइन लॉस जैसे मुद्दे चुनौती बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति, फॉल्ट निस्तारण और नेटवर्क विस्तार की जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों महत्वपूर्ण वितरण क्षेत्रों का दायित्व एक ही अधिकारी के पास रहने से काम के प्रभावी पर्यवेक्षण और जवाबदेही को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विभागीय स्तर पर चर्चा है कि क्या इतने बड़े क्षेत्र की जिम्मेदारी एक अधिकारी को सौंपना प्रशासनिक रूप से उचित है? क्या इससे फील्ड मॉनिटरिंग, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और विभागीय कार्यों की निगरानी प्रभावित नहीं हो रही है?
