शहरी विकास एजेंसी का ढांचा बदलेगा, पेयजल-लोनिवि से आएंगे इंजीनियर
शहरी विकास एजेंसी का ढांचा बदलेगा, पेयजल-लोनिवि से आएंगे इंजीनियर
देहरादून।उत्तराखंड के शहरी निकायों में पेयजल, सीवरेज और सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को अब अधिक तकनीकी मजबूती देने की तैयारी है। राज्य कैबिनेट ने शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत एजेंसी में इंजीनियर और अधिकारी अब मुख्य रूप से पेयजल और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) से प्रतिनियुक्ति पर लिए जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में संचालित होने वाली पेयजल, सीवरेज और सड़क परियोजनाओं के लिए संबंधित तकनीकी विभागों के विशेषज्ञ अधिकारियों की सेवाएं एजेंसी को मिलेंगी। माना जा रहा है कि इससे परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी, निर्माण गुणवत्ता और काम की गति में सुधार आएगा।
खास तौर पर कोटद्वार, चंपावत, टनकपुर, किच्छा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर और सितारगंज नगर निकायों में एडीबी और ईआईबी के वित्तीय सहयोग से सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाएं प्रस्तावित/संचालित हैं। इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट के फैसले के बाद एजेंसी के मानव संसाधन ढांचे में बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। नई व्यवस्था में विभागीय विशेषज्ञता को सीधे शहरी परियोजनाओं से जोड़ने पर जोर रहेगा। इससे एक ओर परियोजनाओं की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर शहरी निकायों में लंबे समय से चल रही तकनीकी अधिकारियों की कमी भी दूर हो सकती है।
सरकार का यह कदम खास तौर पर उन बड़े शहरी आधारभूत ढांचा प्रोजेक्टों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनमें करोड़ों रुपये की लागत से पेयजल और सीवरेज नेटवर्क का विस्तार किया जाना है।
