विधायकों के फोन नहीं उठाए तो होगी कार्रवाई, सरकारी कार्यक्रमों में बुलाना अनिवार्य
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विधायकों के फोन नहीं उठाए तो होगी कार्रवाई, सरकारी कार्यक्रमों में बुलाना अनिवार्य
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने विधानसभा सदस्यों के विशेषाधिकार और प्रोटोकॉल को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से 20 अगस्त 2026 को जारी पत्र में सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को विधानसभा सदस्यों से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासन ने यह निर्देश विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की 24 जुलाई 2026 को हुई बैठक में जताई गई नाराजगी के बाद जारी किए हैं। समिति ने इस बात पर गंभीर अप्रसन्नता व्यक्त की थी कि विशेषाधिकार हनन से संबंधित मामलों में शासन की ओर से मांगे गए जवाब समय पर समिति को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा विधानसभा सदस्यों के फोन नहीं उठाने तथा सरकारी कार्यक्रमों में विधायकों को आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला भी समिति के समक्ष उठा था।
विधानसभा सचिवालय की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि इन मामलों को समिति ने गंभीरता से लिया है। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष की ओर से भी समय-समय पर शासन को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे हैं।
मुख्य सचिव के पत्र में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष विचाराधीन प्रकरणों में समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से पहले भी 1 जुलाई 2020 और 26 मार्च 2025 को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
शासन के ताजा निर्देशों को विधायकों के साथ बेहतर समन्वय और सरकारी कार्यक्रमों में उनके प्रोटोकॉल के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब अधिकारियों को विधानसभा सदस्यों से जुड़े मामलों में लापरवाही से बचने और समिति के प्रकरणों पर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई करने को कहा गया है।
