उपनल के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के हित में शासनादेश जारी, वेतनमान व महंगाई भत्ते का मिलेगा लाभ

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उपनल के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के हित में शासनादेश जारी, वेतनमान व महंगाई भत्ते का मिलेगा लाभ

उपनल के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का आदेश

 

प्रेषक,

युगल किशोर पन्त, सचिव, उत्तराखण्ड शासन।

सेवा में,

1- समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव /सचिव/प्रभारी सचिव, उत्तराखण्ड शासन।

2- मण्डलायुक्त गढ़वाल एवं कुंमाऊ, उत्तराखण्ड।

3- समस्त जिलाधिकारी, उत्तराखण्ड।

4- समस्त विभागाध्यक्ष / कार्यालयाध्यक्ष उत्तराखण्ड।

सैनिक कल्याण अनुभाग

देहरादूनः दिनांकः 14 सितम्बर, 2026

विषयः- विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स द्वारा कार्ययोजित कार्मिकों को न्यूनतम वेतन भुगतान के संबंध में।

महोदय,

कृपया उपर्युक्त विषयक शासनादेश संख्या-1/367134/XVII-C-1/2025/02(07)/2016 TC. दिनांक 03 फरवरी, 2026 यथासंशोधित शासनादेश संख्या- 1/373024/XVII-C-1/2026/12(18)/2016 रिट /2018. दिनांक 20 फरवरी, 2026 का सन्दर्भ ग्रहण करें। उक्त शासनादेशों के द्वारा विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स द्वारा कार्ययोजित कार्मिकों को जनहित याचिका संख्या-116/2018 कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा दिनांक 12 नवम्बर, 2018 को पारित आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्यवाही किये जाने के आदेश निर्गत किये गये हैं।

2-उक्त शासनादेशों के द्वारा निर्गत निर्देशों के संबंध में विभिन्न विभागों / उपनल कार्मिकों के समक्ष उत्पन्न होने वाली कठिनाईयों/अस्पष्टता के निराकरण तथा 01.01.2016 के बाद योजित अन्य उपनल कार्मिकों को चरणबद्ध रूप से वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता लाभ प्रदान किये जाने के विषय पर सम्यक विचारोपरान्त लिये गये निर्णय के कम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि ऐसे प्रकरणों में निम्नानुसार आवश्यक अग्रेत्तर कार्यवाही किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :-

(1) उपनल कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ते का लाभ 03 चरणों में प्रदान किया जायेगा, जिसके प्रथम चरण में 01.01.2016 से पूर्व के नियोजित कार्मिकों के संबंध में वर्तमान में कार्यवाही की जा रही है। द्वितीय चरण में 01.01.2016 से 12.11.2018 तक के नियोजित कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जायेगा, जिस पर कार्यवाही दिनांक 09.11.2026 से तथा तृतीय चरण में 13.11.20218 से 15.10.2024 तक के नियोजित कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता दिये जाने जाने की कार्यवाही 01 अप्रैल, 2027 से प्रारम्भ की जायेगी।

) उपनल के माध्यम से कार्योजित कार्मिकों की सेवा में दिये गये कृत्रिम व्यवधान (Artificial Break) के दृष्टिगत सैनिक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश दिनांक 20.02.2026 में उल्लिखित ‘निरन्तर योजित’ शर्त / प्रतिबन्ध को विलोपित करते हुये दिनांक 01.01.2016 से पूर्व कार्य कर रहे उपनलकर्मी जो वर्तमान में भी कार्यरत हों, को शासनादेश दिनांक 03.02.2026 (यथासंशोधित) के अधीन न्यूनतम वेतन व महँगाई भत्ते का लाभ प्रदान किया जायेगा।

(3) यदि किसी विभाग में सृजित / स्वीकृत पदों के सापेक्ष अतिरिक्त उपनल कार्मिक कार्य कर रहे हों, तो उस स्थिति में वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता के लाभ हेतु उपनल से नियुक्ति की तिथि का संज्ञान लेते हुये नियुक्ति तिथि (डेट ऑफ ज्वॉइनिंग) के वरीयता क्रम में कार्मिको को सर्वप्रथम सृजित / स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्योजित किया जायेगा। शेष उपनल कार्मिकों को अन्य विभागों में उपलब्ध समकक्ष रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजन किया जायेगा एवं ऐसा समायोजन न होने की स्थिति में अधिसंख्य पदों का सृजन किया जाएगा। इस प्रकार के समायोजन/अधिसंख्य पद सृजन पर त्वरित निर्णय लिए जाने हेतु शासन स्तर पर एक पृथक व्यवस्था (समिति) गठित की जायेगी।

(4) अन्य विभागों में स्वीकृत पद/अधिसंख्यक पद के सापेक्ष कार्योजित होने तक, सै. निक कल्याण विभाग के शासनादेश दिनांक 03.02.2026 के प्रस्तर-03(7) में उपबन्धित व्यवस्थानुसार मानदेय भुगतान किया जायेगा। ऐसे कार्मिकों का समायोजन / सृजित अधि सख्य पदों के सापेक्ष कार्योजित होने के पश्चात दिनांक 01.03.2026 से कार्योजित होने की अवधि तक, अन्तर की धनराशि के एरियर का भुगतान किया जायेगा।

(5) इस श्रेणी में आने वाले पूर्व उपनलकर्मी, जिन्हें मा० उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में प्रत्यक्ष अनुबन्ध पर कार्योजित किया जा रहा है, उन्हें वेतनमान का न्यूनतम एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अनुमन्य महंगाई भत्ता का लाभ प्रदान किया जायेगा।

(6) मा० न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा निर्गत आदेशों में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन रहते हुए विभिन्न निगमों, परिषदों एवं स्वायतशासी संस्थाओं द्वारा उपनल के माध्यम से योजित कर्मियों को वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता प्रदान किये जाने के संबंध में स्वयं के स्तर पर निर्णय लिया जाये। निगमों / स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा उक्त कार्मिकों को मानदेय का भुगतान स्वयं के संसाध ानों से किया जायेगा, राज्य सरकार द्वारा इस हेतु कोई अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध नहीं करायी जायेगी।

(7) दिनांक 31.03.2022 तक के उपनल कर्मचारियों से भरे हुये पदों (उनके लिए सृजित किए जाने वाले अधिसंख्य पदों के समायोजन तक) को फ्रीज मानते हुये दिनांक 31.03.2022 के उपरान्त विभागों में हुये रिक्त नियमित पदों पर जहां पर पूर्व से उपनलकर्मी कार्योजित हो अथवा न हो, इनका संज्ञान न लेते हुये अधियाचन की कार्यवाही की जायेगी।

3-

उपरोक्त शासनादेश दिनांक 03 फरवरी 2026, यथा संशोधित शासनादेश दिनांक 20.02.2026 को उक्त सीमा तक संशोधित समझा जाए। उक्त के अतिरिक्त अन्य प्रावधान / शर्ते यथावत लागू रहेगे।

उक्त शासनादेश द्वारा निर्गत निर्देशों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित किये जाने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित विभागों एवं निगमों / स्वायत्तशासी संस्थाओं का होगा।

यह आदेश वित्त विभाग के ई ऑफिस के माध्यम से ई-कम्प्यूटर जेनेरेट संख्या-1/430774/2026, दिनांक 10.09.2026 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं।

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