सोशल ऑडिट में पकड़ा गया पेयजल इंजिनीयरों का फर्जीवाड़ा
देहरादून।जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट में पेयजल के इंजीनियरों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बजट खपाने को इंजिनीयरों ने बिना जरूरत के ही योजनाएं प्रस्तावित कर दी हैं। पुरानी योजनाएं मौजूद होने के बावजूद नई योजनाओं की डीपीआर तैयार कर दी गई है ।सोशल ऑडिट में जिलों में हो रही गड़बड़ी का खुलासा किया गया है ।जल जीवन मिशन में जिला स्तर पर मौजूद दो करोड़ से कम की पेयजल योजनाओं को शासन स्तर से स्पेशल ऑडिट कराया जा रहा है। इस काम में पेयजल सेक्टर में के रिटायर्ड इंजीनियर मौजूद वरिष्ठ विभागीय इंजीनियर समेत पंचायती राज के अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है हर जिले के ब्लॉक प्रस्तावित पेयजल योजनाओं की पड़ताल की जा रही है।देखा जा रहा है कि अभी इन क्षेत्र में मौजूदा समय में किन योजनाओं से पेयजल की आपूर्ति हो रही है।क्षेत्र की निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं कौन सी है। इसी पड़ताल के दौरान पता चला है कि कई जिलों में इंजीनियरों ने बेवजह की योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर दिए हैं।गांव में मौजूदा योजना होने के बावजूद नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए गए जबकि गांव में मौजूद आबादी के अनुसार पर्याप्त पानी देने की योजनाएं मौजूद है।

