उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन ने PWD के एचओडी को लिखा पत्र,ये है कारण
सेवा में ,
इंजीनियर इन चीफ एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उत्तराखंड।
विषय: फेडरेशन की गरिमा को धूल-धूसरित करने एवं फेडरेशन को भविष्य हेतु आंदोलन के मार्ग पर प्रशस्त करने के उपलक्ष्य में धन्यवाद ज्ञापन हेतु समय प्रदान करने के संबंध में।
माध्यम: खुला पत्र
महोदय
उपरोक्त विषयक सादर आप विज्ञ हैं कि लोक निर्माण विभाग के सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को नियम विरुद्ध मध्य सत्र में दुर्गम से पुनः दुर्गम क्षेत्र में स्थानांतरण किए जाने के विरोध में एवं उक्त स्थानांतरणो को निरस्त किए जाने के अनुरोध के साथ अत्यंत शिष्टाचार के साथ फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा आपसे दिनांक 24 मई 2023 को भेंट वार्ता की गई थी। फेडरेशन द्वारा अत्यंत विनम्रता पूर्वक आपको अवगत कराया गया था की मुख्य अभियंता (अधिष्ठान) द्वारा लोक निर्माण विभाग में सीधी भर्ती के अभियंताओं के साथ स्थानांतरण में भेदभाव किया जा रहा है तथा कदाचार करते हुए स्थानांतरण अधिनियम २०१७ की धज्जियां उड़ाते हुए सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को इतर कारणों से दुर्गम से पुनः दुर्गम में स्थानांतरित किया जा रहा है, इसकी जांच की जानी आवश्यक है। इस संबंध में फेडरेशन के पत्रांक १७/संगठन, दिनांक 24.5.2023 द्वारा यह अनुरोध किया गया था कि वर्तमान में नियम विरुद्ध किए गए समस्त स्थानांतरणो को निरस्त किया जाए तथा पूर्व में नियम विरुद्ध किए गए स्थानांतरण का भी निराकरण करते हुए दुर्गम से पुनः दुर्गम में स्थानांतरित अभियंताओं को वर्तमान स्थानांतरण सत्र में सुगम स्थान में स्थानांतरित किया जाए।साथ ही सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं के साथ भविष्य में इस प्रकार का कोई भेदभाव ना किया जाए। इस संबंध में आपके द्वारा अत्यंत सौहार्दपूर्ण माहौल में यह आश्वस्त किया गया की सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं के साथ के साथ स्थानांतरण में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा तथा सभी स्थानांतरण स्थानांतरण अधिनियम 2017 के अनुरूप किए जाएंगे। आपके द्वारा वर्तमान में मध्य सत्र में हुए नियम विरुद्ध स्थानांतरण का सुधार करने का आश्वासन भी दिया गया था। उक्त आश्वासन से फेडरेशन के समस्त पदाधिकारी पूर्ण रूप से आश्वस्त थे यद्यपि वार्ता के बाद फेडरेशन के सदस्यों द्वारा इस बात का सुझाव दिया गया कि केवल मौखिक आश्वासन पर आश्वस्त हो जाना उचित नहीं है एवं इस संबंध में लिखित में आश्वासन प्राप्त होना चाहिए तथा तत्काल नियम विरुद्ध किए गए स्थानांतरण निरस्त होने चाहिए। परंतु फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा सदस्यों को आश्वस्त किया गया कि इतने बड़े पद पर बैठे अभियंता द्वारा दिए गए मौखिक आश्वासन के बाद लिखित आश्वासन मांगे जाने का कोई औचित्य नहीं है और पूरे उत्तराखंड राज्य के अभियंता संवर्ग के सर्वोच्च पद की गरिमा एवं मर्यादा के खिलाफ है ।
उक्त के बाद फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें स्वयं फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष, प्रांतीय महामंत्री, प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित थे, आश्वस्त थे कि उक्त पर आपके द्वारा सकारात्मक निर्णय किया जाएगा। आपके द्वारा मुख्य अभियंता श्री अशोक कुमार को भी उक्त नियम विरुद्ध हुए स्थानांतरण के संबंध में सकारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दे दिए गए थे। उक्त दिए गए आश्वासनों के फलस्वरुप फेडरेशन के पदाधिकारी आश्वस्त थे कि नियम विरुद्ध किए गए मध्य सत्र के स्थानांतरण निरस्त कर दिए जाएंगे तथा भविष्य में सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं के साथ ऐसा भेदभाव नहीं किया जाएगा।
परंतु आज दिनांक 3 जून 2023 को फेडरेशन के संज्ञान में आया कि आपके द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कोई कार्यवाही न करते हुए और आश्वासन के विपरीत जाकर नियम विरुद्ध स्थानांतरित किए गए अभियंता के विरुद्ध अनैतिक व्यक्तिगत दबाव बनाकर अपने पद एवं शक्तियों का दुरुपयोग का दुरुपयोग करते हुए उनको उपार्जित अवकाश निरस्त करा कर दूरस्थ दुर्गम क्षेत्र में ज्वाइन करा दिया गया है। इतना ही नहीं वर्तमान में स्मार्ट सिटी, देहरादून खंड से एक सहायक अभियंता का स्थानांतरण पुनः नियम विरुद्ध दुर्गम क्षेत्र में कर दिया गया है। आपके द्वारा की गई इस प्रकार की कार्यवाही से यह पुष्टि हुई है ही क्यों वर्तमान में अभियंता संवर्ग की स्थिति इतनी दयनीय है? आपके द्वारा स्वयं अपने विभाग के सर्वोच्च पद पर बैठकर भी अपने शब्दों की मर्यादा और गरिमा का पालन नहीं कर, पूरे अभियंता संवर्ग को क्या संदेश दिया गया है? आपके द्वारा सर्वोच्च पद पर बैठकर किए गए इस आचरण से फेडरेशन को इस बात का पूर्णतया आभास हो गया है कि इस उत्तराखंड राज्य में शांतिपूर्वक एवं सहृदयता से नियम संगत एवं तार्किकबात करने वाले संगठनों की बात का कोई औचित्य नहीं है। आपके द्वारा यह भी प्रतिपादित किया गया है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपने सदस्यों की जायज मांगों पर आपसे व्यक्तिगत विनय करने का मार्ग उचित नहीं है। आपके द्वारा की गई इस कार्यवाही से आपके द्वारा फेडरेशन हेतु अपने सदस्यों के हितों की रक्षा हेतु भविष्य में क्या विकल्प रखे जाएं इस हेतु मार्ग प्रशस्त किया गया है, इस हेतु फेडरेशन आपकी आभारी है। अतः हम आपसे अनुरोध करते हैं कि धन्यवाद ज्ञापन हेतु कृपया अपने व्यस्त समय में से सोमवार दिनांक ५.६.२०२३ को किसी भी समय अपनी सुविधानुसार १० मिनट का समय धन्यवाद ज्ञापन हेतु फेडरेशन को देने का कष्ट करेंगे।
सादर
इं. जितेंद्र सिंह देव ,
प्रांतीय महासचिव ,
उत्तराखंड इंजीनियर फेडरेशन
एवं
अध्यक्ष,
इंडियन इंजीनियर्स फेडरेशन (उत्तर क्षेत्र)
भारत

