उत्तराखंड पेयजल कर्मी बढ़ा सकते हैं धामी सरकार की टेंशन, आंदोलन की दी चेतावनी
देहरादून।अपनी विभिन्न पुरानी मांगों के लेकर पेयजल और जल संस्थान के कर्मियों ने एक बार फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है।उन्होंने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने शासनादेश जारी किया तो वे भूख हड़ताल पर जाने को तैयार हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से उतराखड़ पेयजल निगम और जल संस्थान के एकीकरण की मांग कर रहे हैं। दोनों ही विभागों ने खाली पड़े पदों को भरने और सांतवें वेतनमान का एरियर भुगतान करने की मांग की गई है।इसके अलावा खाली पड़े कनिष्क सहायक पद भरने और विभाग के जर्जर भवनों की मरम्मत करने की मांग की है।
कर्मचारियों ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने अपनी इस सब मागों को लेकर आंदोलन किया था, तब सरकार ने शासनादेश जारी करने की बात कही थी, लेकिन वो अभीतक नहीं हुआ है. ऐसे में कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अब सरकार ने शासनादेश जारी नहीं किया तो वे कार्य बहिष्कार के साथ ही भूख हड़ताल भी करेंगे।
उतराखंड पेयजल निगम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय खाली ने कहा कि संघ पूर्व में भी इन मांगों को लेकर आंदोलन कर चुका है, सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही इन मांगों को लेकर शासनादेश जारी किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालांकि, अब नई सरकार बन गई है उन्हें नई सरकार से उम्मीद भी बहुत है, लेकिन सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तो प्रदेश में संघ एक बड़ा आंदोलन करके भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
उत्तराखंड की नई धामी सरकार के सामने पेयजल कर्मियों ने मुश्किल खड़ी कर दी है।पौड़ी जिले के श्रीनगर में पेयजल महासंघ की बैठक में पेयजल निगम और जल संस्थान के गढ़वाल मंडल के कर्मी जुटे।इस दौरान कर्मियों ने नई सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी पूरानी मांगों को लेकर जल्द ही शासनादेश जारी नहीं हुआ तो वे कार्य बहिष्कार के साथ ही भूख हड़ताल करने से पिछले नहीं हटेंगे।

