PMGSY का रजत जयन्ती समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
PMGSY का रजत जयन्ती समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और मुख्य अभियंता संजय पाठक के नेतृत्व में PMGSY उत्तराखंड में फैला रहा सड़कों का जाल
देहरादून।ग्रामीण विकास मंत्रालय (भारत सरकार) के दिशानिर्देशन में उत्तराखण्ड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, देहरादून द्वारा संचालित “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर 23 से 25 दिसम्बर के मध्य “पी.एम.जी.एस.वाई.” का रजत जयन्ती समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

उपरोक्त अवधि में यू.आर.आर.डी.ए. के अन्तर्गत कार्यरत विभिन्न पी.आई.यू. द्वारा केन्द्र द्वारा प्रायोजित “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” के तहत राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास से सम्बन्धत किये गये विभिन्न कार्यों एवं “पी.एम.जी.एस.वाई.” के लक्ष्य एवं योजना के लाभ को आम जनमानस के मध्य साझा किया गया, जिससे कि और अधिक बेहतर तरीके से राज्य के अन्तिम व्यक्ति को जोड़ने के साथ सतत विकास हेतु उक्त परियोजना सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से कारगर सिद्ध हो सके।

“पी.एम. जी.एस.वाई.” की रजत जयन्ती समारोह के शुभ अवसर पर देहरादून के सहस्त्रधारा में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा मुख्य अभियन्ता श्री संजय कुमार पाठक के साथ अन्य क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में विधानसभा क्षेत्र मसूरी की तीन स्वीकृत (सहस्त्रधारा से सरोना, सुवाखोली से सरोना एवं मालदेवता से सेरकी सिल्ला) ग्रामीण मार्गों का उन्नयन कार्य हेतु शिलान्यास किया गया एवं विभिन्न पी.आई.यू. द्वारा भी अपने-अपने स्तर से उक्त महत्वाकाँक्षी परियोजना के रजत जयन्ती समारोह को सफल बनाने में सकारात्मक प्रयाय किये गये। “पी.एम.जी. एस.वाई.” के प्रथम चरण में 2296 कार्य, द्वितीय चरण में 112 कार्य, तृतीय चरण में 212 कार्यों की स्वीकृति के साथ वर्तमान में “पी.एम.जी.एस.वाई.” के चतुर्थ चरण में राज्य की अनुमानित 316 ग्रामीण बसावटों के संयोजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” केन्द्र सरकार की एक ऐसी परियोजना है, जो कि उत्तराखण्ड राज्य की विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लम्बे समय से असंयोजित बसावटों के संयोजन कार्य हेतु नींव का पत्थर साबित हो चुकी है एवं राज्य गठन के समकक्ष 25 दिसम्बर, 2000 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी के ग्रामीण विकास के सपने को साकार करने में कारगर सिद्ध हो रही है।

