उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी,ये है कारण?
वर्ष 1996 से संहत वेतन पर कार्य कर रहे कर्मचारियों, जिनका नियमितीकरण वर्ष 2003 में हुआ था, की वर्षों पुरानी मांग के सम्बन्ध में वाद श्री गजेन्द्र कपिल बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य मा० उच्च न्यायालय की डबल बेंच में विचाराधीन था।

उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ के पूर्व पत्रांक 15 दिनांक 19.12.2024 के द्वारा मुख्य महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान, देहरादून को पत्र प्रेषित किया गया था कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वाद सं0-53144/2024 में दिनांक 10.12.2024 को कर्मचारियों के पक्ष में सुनाये गये निर्णय के अनुसार उत्तराखण्ड जल संस्थान के कर्मचारियों/ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन आदि का लाभ मा० सर्वोच्च न्यायालय की डबल बेंच में निर्णीत आदेशानुसार वर्ष 1996 से अनुमन्य कराया जाये। परन्तु अत्यन्त खेद का विषय है कि प्रबन्धक पक्ष द्वारा लगभग डेढ़ माह की अवधि व्यतीत हो जाने के उपरान्त भी वर्तमान तक कर्मचारीहित में कोई भी सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गयी है, जो कि उचित नहीं है, जिसके फलस्वरूप कर्मचारीगण में भारी रोष व्याप्त है।

इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ द्वारा पुनः कार्यालय पत्रांक 18 दिनांक 29.01.2025 के द्वारा प्रबन्धक पक्ष से अनुरोध किया गया है कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के कर्मचारियों/ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन आदि का लाभ मा० सर्वोच्च न्यायालय की डबल बेंच में निर्णीत आदेशानुसार अनुमन्य कराने का कष्ट करेंगे, अन्यथा की स्थिति में उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ को विवश होकर आन्दोलनात्मक कार्यवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा, जिसका समस्त उत्तरदायित्व प्रबन्धक पक्ष का होगा।


