उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विकासखण्डवार बंटवारे के सम्बन्ध में मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र
मुख्य महाप्रबन्धक
उत्तराखण्ड जल संस्थान,
जल भवन, बी-ब्लॉक, नेहरू कॉलोनी
देहरादून।
विषयः- ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विकासखण्डवार बंटवारे के सम्बन्ध में।
महोदया,
उपरोक्त विषयक संगठन के पूर्व पत्रांक 20 दिनांक 03.03.2025 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करेंगे, जिसके द्वारा पेयजल योजनायें किसी अन्य विभाग को न सौंपे जाने हेतु अनुरोध किया गया था तथा यह भी उल्लेखित किया गया था कि यदि उक्त कार्यवाही नहीं रोकी जाती है, तो कर्मचारी संघ को प्रदेश स्तर पर आन्दोलनात्मक कार्य किये जाने हेतु बाध्य होना पड़ेगा।

महाप्रबन्धक (मु०), उत्तराखण्ड जल संस्थान, देहरादून के कार्यालय पत्रांक 7540/JJM-वि०ख० बंटवारा/2024-25 दिनांक 22.03.2025 के द्वारा पुनः समस्त अधीक्षण अभियन्ता, उत्तराखण्ड जल संस्थान को पेयजल विभाग अन्तर्गत कार्यदायी संस्थाएं यथा जल संस्थान एवं जल निगम ग्रामीण पेयजल योजनाओं से आच्छादित विकासखण्डों का आपसी सहमति के आधार पर बंटवारा एक सप्ताह के भीतर करने हेतु अवगत कराते हुये ग्रामीण पेयजल योजनाओं का विकासखण्डवार बंटवारा पेयजल निगम के सथ बैठक आहुत कर आपसी सहमति बनाते हुये दोनों संस्थाओं के शाखाधिकारी एंव अधीक्षण अभियन्ता के संयुक्त हस्ताक्षरति प्रपत्र तैयार करते हुये सर्व सम्मति प्रस्ताव मुख्यालय को एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये गये हैं, ताकि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त किया जा सके।

महोदया, इस कम में अवगत कराना है कि जैसा कि आपको विदित है कि जल संस्थान स्वंयपोषित संस्था है एवं अर्जित आय पर ही समस्त अधिष्ठान का व्यय संचालित होता है। अतः आपसे पुनः अनुरोध है कि इस प्रकार से योजनायें किसी अन्य विभाग को न सौंपी जायें, जिससे कि कर्मचारियों को भविष्य में वेतन तथा पेंशन आदि की पूर्ति भी न हो सके। कृपया कृत कार्यवाही से संगठन को भी अवगत कराने का कष्ट करेंगे।

महोदया, संगठन के पदाधिकारियों से दिनांक 28.03.2025 को वर्चुअल वार्ता उपरान्त निर्णय लिया गया है कि उक्त कार्यवाही नहीं रोके जाने की दशा में कर्मचारी संघ को विवश होकर दिनांक 10.04.2025 को मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन हेतु बाध्य होना पड़ेगा, जिसका समस्त उत्तरदायित्व प्रबंधक पक्ष का होगा तथा साथ ही आगामी प्रदेश स्तरीय आन्दोलनात्मक कार्यवाही की रणनीति भी धरना स्थल पर ही तैयार की जायेगी।


