उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन ने मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र,की ये मांग
सेवा में,
मुख्य महाप्रबन्धक
उत्तराखण्ड जल संस्थान,
जल भवन, बी-ब्लॉक,
नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
पी०टी०सी० श्रमिकों के सम्बन्ध में।
विषयः-महोदया
उपरोक्त विषयक सादर अवगत कराना है कि पी०टी०सी० श्रमिकों का मासिक पारिश्रमिक विभाग द्वारा वर्तमान तक भी नहीं बढ़ाये गये हैं, जबकि उक्त के सम्बन्ध में कर्मचारी संगठन से कई बार हुयी वार्ता में आपके द्वारा आश्वस्त किया गया था कि शीघ्र ही शासन से स्वीकृति प्राप्त कर सम्बन्धित श्रमिकों को पारिश्रमिक का लाभ अनुमन्य करा दिया जायेगा। परन्तु कई माह व्यतीत हो जाने के उपरान्त भी विभाग द्वारा वर्तमान तक उक्त के राम्बन्ध में कोई आदेश निर्गत नहीं किये गये है। महोदया साथ ही विभाग की कई शाखाओं द्वारा पी०टी०सी० श्रमिकों को बिना मुख्यालय के आदेश के हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है तथा कई विभागीय पेयजल योजनायें जो पूर्व में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड पेयजल निगम को हस्तांतरित की गयी है/की जा रही हैं। सम्बन्धित पेयजल योजनाओं में कार्यरत पी०टी०सी० श्रमिकों को उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा भी नासिक पारिश्रमिक देने एवं योजना के साथ हस्तगत करने से मना किया जा रही है, जबकि आपके द्वारा वार्ता में संगठन को आश्वासन दिया गया था कि किसी भी पी०टी०सी० श्रमिकों को नहीं हटाया जायेगा न ही उत्पीडन किया जायेगा, इसके उपरान्त भी कई शाखाओं द्वारा बिना कारण के पी०टी०सी० श्रमिकों को हटाये जाने की कार्यवाही एवं मासिक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे सम्बन्धित श्रमिकों के सामने जीविका चलाने में संकट पैदा हो गया है। जिसके कारण कार्मिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

अतः महोदया उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संगठन आपसे अनुरोध करता है कि जिन शाखाओं द्वारा पी०टी०सी० श्रमिकों को बिना कारण के विभागीय सेवा से हटाने की कार्यवाही की जा रही है, सम्बन्धित शाखाओं को अपने स्तर से पी०टी०सी० श्रमिकों को विभागीय सेवा में रखने के साथ-साथ मासिक पारिश्रमिक बढ़ाये जाने का आदेश निर्गत करने का कष्ट करेंगी। महोदया उक्त कार्यवाही न किये जाने की स्थिति में कर्मचारी संगठन को आदोलन के लिये बाध्य होना पड़ेगा, जिसका सम्पूर्ण उत्तरादायित्व प्रबन्धक पक्ष का होगा।

