उत्तराखंड

गोल्डन कार्ड पर निजी चिकित्सालयों में चिकित्सा न मिलने पर निगमों/निकायों /उपक्रमों के कार्मिकों में आक्रोश

गोल्डन कार्ड पर निजी चिकित्सालयों में चिकित्सा न मिलने पर निगमों/निकायों /उपक्रमों के कार्मिकों में आक्रोश

देहरादून। राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निशुल्क चिकित्सा हेतु राज्य कार्मिकौ के साथ निगम /निकाय/स्थानीय0 निकाय/ विश्शविधालयौ के कार्मिकौ व सेवा निवृत कार्मिकौ से। निर्धारित अंशदान की कटौती कर गोल्डन कार्ड जारी करते हुवे राज्य के निजी चिकित्सालयौ व राज्य से बाहर कुछ चुनिंदा चिकित्सालयौ में असीमित चिकित्सा हेतु गोल्डन कार्ड जारी कर निशुल्क चिकित्सा का प्राविधान किया गया । जिसके तहत गत वर्ष तक चिकित्सा जारी रही । लेकिन वर्तमान में निजी चिकित्सालयौ ने गोल्डन कार्ड पर चिकित्सा करने से साफ इन्कार कर दिया क्यौकि प्रत्येक चिकित्सालय का प्राधिकरण पर करौडौ रुपये देनदारी है । इसलिये बिना देनदारी पूरी किये हुवे चिकित्सा नहीं की जायेगी ।। जिसके चलते सार्वजनिक निगमौ /निकायौ / उपक्रमौ के सैकडौ कार्मिक बिना चिकित्सा के परेशान होकर स्वास्थ्य प्राधिकरण पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं ।।

राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश पन्त द्वारा स्थिति को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुवे कहा है कार्मिकौ से अंशदान लिये जाने के बाबजूद आपातकाल के दौरान गोल्डन कार्ड के तहत चिकित्सा सुविधा न मिलना प्राधिकरण की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है । इससे पूर्व विना अंशदान के विभाग कार्मिकौ को चिकित्सा प्रतिपूर्ति करते थे ।। लेकिन अब अंशदान के बाबजूद चिकित्सा नहीं मिल पा रही है । महासंघ के संरक्षक बी एस रावत द्वारा कहा गया कि प्राधिकरण द्वारा सेवानिवृत कार्मिकौ से आजीवन का अंशदान एक साथ जमा करवा दिया है । और अब चिकित्सा देने में आनाकानी की जा रही है निगमौ से सेवानिवृत कार्मिकौ ने एक मुश्त भरकम धनराशि अच्छी चिकित्सा सुविधा के नाम जमा करवायी ।।। जिसमें सेवानिवृति के पश्चात मिली हुई धनराशि है । कार्मिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के इस प्रकार की व्यवस्था पर चिन्तित है कि निगम कार्मिकौ की एक ओर पेंशन नहीं है और जमा-पूंजी प्राधिकरण ने ले ली है ।। बुढ़ापे में चिकित्सा का क्या होगा । महासंघ को विषय पर बैठक कर निर्णय ले कर ठोस कार्यवाही करने की सलाह दी गयी ।

महासंघ के महासचिव श्याम सिंह नेगी द्वारा स्वास्थ्य प्राधिकरण के फेलियर होने पर शासन और सरकार पर आक्रोश ब्यक्त करते हुवे कहा है कि शीघ्र निजी चिकित्सालयौ में चिकित्सा सुविधा जारी नहीं गयी तो राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ भी आन्दोलन के लिये बाध्य होगा ।महासंघ के संरक्षक दिनेश गोसाईं द्वारा कहा गया कि आयुष्मान भारत के तहत कार्मिकौ को गोल्डन कार्ड की व्यबस्था के माध्यम से चिकित्सा रोकना दुर्भाग्य पूर्ण है जिस पर बड़ा आन्दोलन किया जायेगा ।। ‌‌ ‌

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