उत्तराखंड

गुरु नानक कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने किया “हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के उपचार पर जागरूकता अभियान आयोजित

गुरु नानक कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने किया “हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के उपचार पर जागरूकता अभियान आयोजित

देहरादून: गुरु नानक कॉलेज ऑफ नर्सिंग, झाझरा के छात्रों ने ‘हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के उपचार पर एक जागरूकता हेतु कैंप आयोजित किया। इस अभियान का उद्देश्य गर्मी के मौसम में होने वाले स्वास्थ्य संकटों, खासकर हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन, के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

गर्मी के मौसम में तापमान के अत्यधिक बढ़ने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ता है, जो जीवन के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, गुरु नानक कॉलेज के छात्रों को इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

अभियान के दौरान छात्रों ने कई जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित कीं। इनमें पोस्टर प्रदर्शनी, स्वास्थ्य वार्ता, पंफलेट वितरण और नुक्कड़ नाटक शामिल थे। पोस्टर प्रदर्शनी में छात्रों ने हीट स्ट्रोक के कारण, लक्षण और उससे बचाव के उपायों को चित्रित किया। इसके अलावा, स्वास्थ्य वार्ता के दौरान छात्रों ने हीट स्ट्रोक के इलाज, प्राथमिक उपचार और इन्फ्रारेड तापमान के प्रभाव पर चर्चा की। जिसमें लोगों को पानी अधिक पीने, हल्के रंग के कपड़े पहनने, धूप से बचने और शारीरिक गतिविधियों को कम करने जैसे सरल उपाय बताए। नुक्कड़ नाटक इस अभियान का अहम हिस्सा था, जिसमें छात्रों ने हीट स्ट्रोक के लक्षण और उसे रोकने के उपायों को दर्शाया। नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि अगर किसी व्यक्ति को हीट स्ट्रोक हो, तो उसे ठंडी जगह पर ले जाना, पानी पिलाना और शरीर को ठंडा करना जरूरी होता है।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों को हीट स्ट्रॉक और डिहाइड्रेशन के खतरों से अवगत कराना था और उन्हें इससे बचने के उपाय बताना था। गुरु नानक कॉलेज के मुख्य CSO अधिकारी श्री सैचजीत सिंह और COO श्रीमती विनीत ने इस पहल की सराहना की और इसे सामुदायिक कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कॉलेज के रजिस्ट्रार, डॉ. ललित कुमार ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और जागरूकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है।

कॉलेज की प्रिंसिपल, डॉ. लोलीता लाल के नेतृत्व में यह अभियान सफलता की ओर बढ़ा। उनके मार्गदर्शन में बी.एस.सी. नर्सिंग छात्रों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग से मिस शिवानी, मिस सुषमिता, मिस नेहा, श्री अमित, मिस दीक्षा, श्री आशिष, श्री अश्चिंद्र और श्री राजेंद्र ने भी इस अभियान को प्रभावशाली बनाने में योगदान दिया। यह अभियान न केवल छात्रों के शैक्षिक अनुभव का हिस्सा था, बल्कि सामुदायिक सेवा का एक अहम कदम भी था, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ी।

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